
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक ऐसी ह्रदय विदारक घटना सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. यहां घर में बेटी की शादी का उत्साह और नाच-गाने का माहौल था. इस दौरान घर के बुजुर्ग की मौत हो गई. घटना के बाद परिवार के लोगों ने दिल पर पत्थर रखकर वृद्ध मां का शव सुरक्षित रखकर बारात का स्वागत किया और फिर बेटी की विदाई के बाद मां की अर्थी निकाली.
मामला जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र के सिहोरी गांव का है. यहां 23 नवंबर को भाजपा नेता रविंद्र श्रीवास्तव की भतीजी की शादी थी. शादी के लिए पूरे परिवार ने महीनों से तैयारी की थी, ताकि कोई कमी न रह जाए. घर के बड़े-बुजुर्गों की उपस्थिति खुशियों में चार चांद लगा रही थी. इस दौरान रविंद्र श्रीवास्तव की बीमार मां भी अपनी पोती की शादी अपनी आंखों के सामने देखने के लिए उत्साहित थीं.
घर में बुजुर्ग की मौत
लेकिन शादी से ठीक एक दिन पहले, 21 नवंबर को, जब घर में महिलाओं के गीत-संगीत का कार्यक्रम चल रहा था, तभी अचानक वृद्ध मां की तबीयत बिगड़ी और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बुजुर्ग का निधन हो गया. इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. परिवार के सामने यह विकट धर्मसंकट आ गया कि वे मां की मृत्यु का मातम मनाएं या बेटी के भविष्य की खातिर शादी की खुशियां निभाए.
बेटी की हुई विदाई
आखिरकार, परिवार के सदस्यों ने भारी मन और दिल पर पत्थर रखकर एक कठीन निर्णय लिया. उन्होंने आंसुओं पर काबू करते हुए बेटी की जिंदगी को प्राथमिकता दी. उन लोगों ने मां के शव को अगले दो दिनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित किया. इसके बाद, सभी ने दुख को दबाकर 22 नवंबर को बारात का स्वागत किया. दूल्हे राजा घोड़ी पर सवार होकर पहुंचे और पूरे विधि-विधान और धार्मिक मंत्रोच्चार के बीच बेटी की शादी संपन्न हुई.
बुजुर्ग का हुआ अंतिम संस्कार
अगले दिन सुबह बेटी की ससुराल के लिए विदाई हुई. विदाई के बाद, परिवार ने सोमवार (23 नवंबर) को मां के अंतिम संस्कार की तैयारी की. जब मां की अर्थी घर से निकली, तो सिर्फ परिवार ही नहीं, पूरा गांव रो पड़ा. परिवार ने पहले बेटी की विदाई का धर्म निभाया और फिर मां की अर्थी को लेकर चोचकपुर गंगा घाट पहुंचे, जहां नम आंखों से उनका अंतिम संस्कार किया गया.
