
हमीरपुर के स्वामी ब्रह्मानंद विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जलपान काउंटर खुलते ही अफरा-तफरी मच गई. भीड़ बेकाबू होकर आलू-पकौड़ा और चिप्स के पैकेट छीनने लगी.
इस दौरान एक मासूम बच्चा गर्म चाय में गिर गया और गंभीर रूप से झुलस गया. दूल्हा भी पैकेट लेकर भागता दिखा. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जबकि कार्यक्रम में कोई जिम्मेदार अधिकारी या सुरक्षा कर्मी मौके पर नजर नहीं आया.
जलपान काउंटर पर मची भगदड़
जैसे ही जलपान काउंटर खोला गया, लोग धक्का-मुक्की करने लगे और पैकेट छीनने में जुट गए. आलू-पकौड़ा और चिप्स का सामान बिखर गया, लेकिन भीड़ ने किसी की परवाह नहीं की. अफरा-तफरी में एक बच्चा गर्म चाय की केतली के पास गिर गया और उसका हाथ झुलस गया. आसपास खड़े लोग बच्चे को बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि तुरंत मदद पहुंचाना मुश्किल हो गया.
दूल्हा भी नहीं रहा पीछे
बारात में आए दूल्हे ने भी भगदड़ का लाभ उठाया और चिप्स का पैकेट लेकर भाग गया. यह दृश्य देखकर दुल्हन हंस पड़ी. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग दूल्हे की हरकत पर मजेदार कमेंट कर रहे हैं. कई लोग यह कह रहे हैं कि शादी में खाने की चीजों के लिए भीड़ इतनी बेकाबू हो जाए, यह सोचने वाली बात है.
कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
कार्यक्रम में 380 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, लेकिन सुरक्षा और व्यवस्थापन बिल्कुल नाकाफी साबित हुआ. अफरा-तफरी के समय कोई जिम्मेदार अधिकारी या सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया. आयोजकों पर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लिए पर्याप्त सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित क्यों नहीं किया.
यहां देखें वीडियो
यूपी –
जिला हमीरपुर में UP सरकार ने 380 जोड़ों की शादी करवाई। यहां चिप्स और नाश्ते का सामान पाने के लिए मारामारी मच गई।— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP)
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
भारी भीड़ और लूट के वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से देखा और साझा किया जा रहा है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग पैकेट लेकर भाग रहे हैं, जबकि अन्य लोग धक्का-मुक्की कर रहे हैं. बच्चे के झुलसने की घटना ने वीडियो की संवेदनशीलता और चर्चा को और बढ़ा दिया. लोग इस घटना पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
आयोजन की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता
इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में उचित सुरक्षा और अनुशासन आवश्यक है. आयोजकों को भविष्य में इस तरह की अफरा-तफरी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे. बच्चों और आम जनता की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए. इस घटना से सबक लेते हुए बेहतर व्यवस्थाओं की योजना बनाना जरूरी है.
