जीभ देखकर पता चल जाएगी बीमारी, आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया ऐसा रंग दिखे तो हो जाएं सावधान

जीभ का रंग
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कई साल पहले जब इतने आधुनिक मेडिकल टेस्ट की सुविधा नहीं थी तब डॉक्टर व्यक्ति की जीभ, गला, आंखें, नाखून, पेशाब और मल को देखकर बीमारी का पता लगा लेते थे। शरीर में कोई बीमारी पनपने पर इन चीजों में बदलाव दिखने लगता है। हालांकि आजकल एडवांस टेस्ट की सुविधा है लेकिन फिर भी आपको अपनी जीभ गला और नाखून चेक करते रहने चाहिए। कई बार जीभ का रंग सफेद, लाल या नीला हो जाता है। या कई बार जीभ पर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। ऐसा है शरीर में हो रहे कुछ बदलावों का संकेत हो सकता है। आयुर्वेद में जीभ का रंग बदलना शरीर में किसी पोषण की कमी और बीमारियों का लक्षण माना जाता है। 

आयुर्वेदिक डॉक्टर आचार्य मनीष ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें जीभ का रंग देखकर बीमारियों का पता लगाने के बारे में बता रहे हैं। जीभ का रंग पीला, लाल, नीला या फीका दिखाई दे रहा है तो ये लिवर, किडनी, पाचन और गॉलब्लैडर से जुड़ी समस्याओं की ओर इशारा हो सकता है। इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।

जीभ सफेद होना- अगर आपकी जीभ का रंग ज्यादा सफेद हो रहा है तो ये पेट साफ न होने, गैस ब्लोटिंग और एसिडिटी होने, कफ बढ़ने और इम्यूनिटी कमजोर होने का संकेत हैं। जीभ बहुत फीकी यानि सफेद सी दिखे तो ऐसा शरीर में खून की कमी और हीमोग्लोबिन लो होने के कारण भी हो सकता है। इसके लिए फाइबर से भरपूर चीजें खाएं और सुबह भीगी अंजीर और थोड़ा सा गुड़ खाएं। इससे खून में आयरन  बढ़ेगा और जीभ का रंग नेचुरल हो जाएगा।

मोटी जीभ- अगर जीभ मोटी हो रही है तो ये फैटी लिवर की शुरुआत है। आंतों में जमा टॉक्सिन्स के कारण भी ऐसा होता है। जीभ मोटी महसूस हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

पतली जीभ और किनारे कटना- ऐसा किडनी की कमजोरी के कारण हो सकता है। किडनी में पथरी होने की वजह से भी जीभ पतली दिखती है और साइड से कटने लगती है। ऐसी संभावना बढ़ जाती है कि किडनी से जुड़ी समस्या है।

नीली और बैंगनी लाइन- जीभ पर नीली और बैंगनी लाइन दिख रही हैं तो गॉलब्लैडर में पथरी, लिवर में ब्लॉकेज होने का लक्षण है। ये संकेत है कि लिवर में टॉक्सिन्स बढ़ रहे हैं। ये लिवर से जुड़ी बीमारियों का शुरुआती बड़ा लक्षण है। ब्लड सर्कुलेशन की कमी का भी लक्षण है। जीभ तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचने पर और तनाव बढ़ने पर ऐसा हो सकता है। इसके लिए रोज अनुलोम-विलोम और प्राणायाम करें और रात में हल्दी वाला दूध पीएं। 

जीभ लाल और सूजी हुई- अगर जीभ का रंग जरूरत से ज्यादा लाल दिख रहा है तो ऐसा शरीर में इंफेक्शन के कारण हो सकता है। शरीर में गर्मी बढ़ने, बुखार आने, सूजन आने और पित्त बढ़ने का लक्षण है।

जीभ आगे से लाल होना- टिप यानि आगे की तरफ से और साइड से जीभ ज्यादा लाल दिखाई दे रही है तो इसका एक कारण मेंटल स्ट्रेस भी हो सकता है। ये दिल या हार्मोनल बदलावों की ओर भी इशारा है। इसके लिए दिमाग को शांत करें और तनाव से दूर रहें।

पीली जीभ- अगर जीभ का रंग हल्का पीला दिखाई दे रहा है तो शरीर में पित्त दोष बढ़ने का लक्षण है। एसिडिटी या बाइल जूस का बैलेंस बिगड़ने पर भी ऐसा हो सकता है। इसके लिए खाने के बाद 5 तुलसी की पत्ते और 1 इलायची चबाकर खा लें। इससे पित्त शांत होगा और पाचन बेहतर होगा।

जीभ गुलाबी होना- गुलाबी रंग की जीभ है तो ये आपके हेल्दी होने की निशानी है। जीभ का रंग गुलाबी होने का मतलब है कि आपका पाचन अच्छा है। शरीर में सारे दोष संतुलित हैं। यानि आप सही खानपान और जीवनशैली को अपना रहे हैं। 

जीभ साफ कैसे करें- जीभ साफ करने के लिए सुबह दांतों के साथ जीभ को भी साफ करें। फाइबर से भरपूर भोजन खाएं। 1 गिलास गुनगुना पानी पीएं। त्रिफला और अजवाइन का सेवन करें। रात में देरी से खाने की आदत को तुरंत छोड़ दें।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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