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शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने का काम ब्लड सर्कुलेशन करता है। जब रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता, तो इसे खराब ब्लड सर्कुलेशन कहा जाता है। आर्ट ऑफ़ हीलिंग कैंसर, ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा, कहते हैं कि यह समस्या धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है और हृदय, दिमाग, किडनी व पैरों तक को प्रभावित कर सकती है। अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी बीमारी का कारण बन सकते हैं।
खराब ब्लड सर्कुलेशन होने पर दिखते हैं ये लक्षण
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हाथों और पैरों में सुन्नपन: खराब ब्लड सर्कुलेशन का सबसे आम लक्षण सुन्नपन है। लंबे समय तक बैठे रहने पर अगर बार-बार ऐसा महसूस हो, तो यह चेतावनी हो सकती है। इसके अलावा पैरों में सूजन, त्वचा का नीला या पीला पड़ना, और हाथ-पैरों का ठंडा रहना भी रक्त प्रवाह कम होने का संकेत देता है। कुछ लोगों में चलने पर पैरों में दर्द या ऐंठन होती है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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त्वचा और बालों में बदलाव: त्वचा और बालों में बदलाव भी खराब ब्लड सर्कुलेशन की पहचान में मदद करते हैं। त्वचा का रूखा होना, घावों का देर से भरना और पैरों पर बालों का झड़ना इस समस्या के लक्षण हो सकते हैं। महिलाओं में यह समस्या ज्यादा थकान और चक्कर आने के रूप में भी सामने आती है। गंभीर मामलों में सांस फूलना और सीने में दर्द भी महसूस हो सकता है, जो तुरंत डॉक्टर को दिखाने का संकेत है।
कैसे करें पहचान?
खराब ब्लड सर्कुलेशन के लिए डॉक्टर मरीज की हिस्ट्री, ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच के साथ कुछ विशेष टेस्ट कराते हैं। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर: डॉक्टरों के अनुसार, खराब ब्लड सर्कुलेशन के प्रमुख कारणों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान और शारीरिक निष्क्रियता शामिल हैं। लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठकर काम करना भी इसका जोखिम बढ़ाता है।
समय रहते पहचान होने पर जीवनशैली में बदलाव से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित वॉक, हल्का व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना और धूम्रपान से दूरी ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं। अगर शरीर में बताए गए लक्षण लगातार बने रहें, तो इसे हल्के में न लें।
