रात में इन फूड्स का सेवन तेजी से बढ़ाता है ब्लड शुगर लेवल, डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न खाएं

रात में ब्लड शुगर बढ़ने से कैसे रोकें
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ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करना सिर्फ़ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप क्या खाते हैं, बल्कि इस पर भी निर्भर करता है कि आप कब खाते हैं। रात को अगर डायबिटीज के मरीज इन कुछ फूड्स का सेवन करते हैं तो इससे अचानक इंसुलिन बढ़ सकता है। इससे सोते समय शरीर के लिए ब्लड शुगर को रेगुलेट करना मुश्किल हो जाता है। दरअसल, रात में, मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, जिससे खून में ज़्यादा ग्लूकोज रहने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं रात में डायबिटीज के मरीज भूलकर भी किन चीजों को न खाएं?

इन फूड्स का सेवन रात के समय न करें:

  • सफेद चावल और रिफाइंड अनाज: सफेद चावल, रिफाइंड आटा (रोटी, नान) और पास्ता जैसे रिफाइंड कार्ब्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज़्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर तेज़ी से बढ़ता है और रात में कम ज़रूरत के बावजूद इंसुलिन पर दबाव पड़ता है, जिससे टाइप 2 मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है।

  • आलू और तले हुए स्नैक्स: तले हुए या मैश किए हुए आलू तेज़ी से ग्लूकोज में बदलते हैं।  फ्राइज़, आलू करी, या पैकेट वाले तले हुए स्नैक्स जैसे आम डिनर आइटम रिफाइंड स्टार्च और अनहेल्दी फैट के कारण इंसुलिन स्पाइक्स को और खराब करते हैं। रेगुलर खाने से समय के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस भी बढ़ सकता है।

  • मीठी चटनी और ग्रेवी: कई बार रात के खाने में साथ चटनी, मैरिनेड का सेवन करते हैं। जैसे- टमाटर केचप, स्वीट चिली सॉस, शहद वाली ड्रेसिंग और रेस्टोरेंट-स्टाइल ग्रेवी चुपचाप ब्लड शुगर बढ़ा सकती हैं, भले ही खाना बैलेंस्ड लगे।

  • सफेद ब्रेड और बेकरी आइटम: सफेद ब्रेड, पाव, बन, रिफाइंड-आटे की रोटी और बेक्ड स्नैक्स आसानी से पच जाते हैं और उनमें फाइबर और प्रोटीन की कमी होती है। इससे ब्लड शुगर तेज़ी से बढ़ता है।

  • डेज़र्ट और मीठे ड्रिंक्स: खाने के बाद डेज़र्ट, मिठाई या मीठे ड्रिंक्स खाने से शरीर पर भारी ग्लाइसेमिक लोड पड़ता है। देर रात चीनी खाने से रात भर ग्लूकोज की स्थिरता बिगड़ती है और अगली सुबह फास्टिंग ग्लूकोज लेवल बढ़ सकता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन का कहना है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर भी कुछ लोगों में ग्लूकोज रिस्पॉन्स पर असर डाल सकते हैं।

  • डिब्बाबंद खाना: डिब्बाबंद खाने में सोडियम और प्रिजर्वेटिव होते हैं। कई डिब्बों में बिस्फेनॉल A (BPA) की लाइनिंग होती है। एक ऐसा केमिकल है जिसका संबंध एंडोक्राइन डिसरप्शन से  है। BPA के संपर्क में आने से इंसुलिन सेंसिटिविटी पर नेगेटिव असर पड़ सकता है और डायबिटीज वाले लोगों में कार्डियोवैस्कुलर जोखिम बढ़ सकता है।

आपको क्या खाना चाहिए?

डिनर के लिए कम ग्लाइसेमिक कार्बोहाइड्रेट, लीन प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर, जैसे सब्जियां, दाल, दही, पनीर, अंडे या ग्रिल्ड मछली खाने की सलाह देते हैं। अपने खाने को हल्का रखें और ग्लाइसेमिक कंट्रोल बेहतर बनाने के लिए सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खाना खत्म कर लें।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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