सर्दियों में चिलगोजा खाने से कमजोर हड्डियां बनेंगी फौलादी, जोड़ों का दर्द होगा छूमंतर, जान लें सेवन का सही तरीका?

चिलगोजा
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सर्दियों में अक्सर हड्डियों से जुड़ी परेशानी बढ़ जाती है। खासकर, इस मौसम में गठिया और गाउट के मरीज़ों में हड्डियों की परेशानी बढ़ना बेहद आम है। दरअसल, ठंड से जोड़ों के आसपास के तरल पदार्थ गाढ़े हो जाते हैं और रक्त संचार धीमा पड़ जाता है, जिससे अकड़न और दर्द बढ़ता है। ऐसे में अगर आपकी हड्डियाँ भी कमजोर होने लगी हैं या जोड़ों में दर्द रहता है तो चिलगोजा को अपनी डाइट में शामिल कर लें। इसे आयुर्वेद में ताकत बढ़ाने वाला ड्राई फ्रूट माना जाता है। यह स्वाद में बेहतरीन और पोषक तत्वों जैसे प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई, जिंक, मैग्नीशियम, कैल्शियम से भरपूर होता है। सही तरीके से सेवन करने पर यह हड्डियों को मजबूती देता है और जोड़ों के दर्द में भी राहत दिला सकता है।

चिलगोजा में कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

चिलगोजा में ओमेगा-3, हेल्दी फैट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन E, K, B-कॉम्प्लेक्स, और जिंक, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैंगनीज, कैल्शियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होता है, जो इसे शरीर को ऊर्जा देने और हड्डियों को मजबूत बनाने वाला एक पौष्टिक मेवा बनाता है, साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं

सर्दियों में चिलगोजा खाने के फायदे

सर्दियों में चिलगोजा खाने से कमजोर हड्डियाँ मजबूत बनती हैं साथ ही जोड़ों का दर्द कम होती है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, और विटामिन K हड्डियों जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाता हैं। इस मौसम में इसक सेवन करने से शरीर को गर्माहट मिलती है। यह थकान दूर करता है और पूरे दिन शरीर को एक्टिव रखता है, खासकर ठंड में। इसमें मौजूद विटामिन E और जिंक की मौजूदगी त्वचा को स्वस्थ रखती है और बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

क्या है चिलगोजा खाने का सही तरीका?

  • रात को भिगोकर खाएं: 4–5 चिलगोजा रातभर पानी में भिगो दे। सुबह खाली पेट छिलका उतारकर खाएं। इससे पोषक तत्व बेहतर तरीके से शरीर में जाते हैं।

  • दूध के साथ सेवन:  गुनगुने दूध में 2–3 चिलगोजा मिलाकर पी सकते है। यह तरीका हड्डियों के लिए बेहद असरदार है।

  • पाउडर बनाकर: चिलगोजा पीसकर आधा चम्मच शहद के साथ ले।

कितनी मात्रा में खाएं?

एक दिन में  4–6 चिलगोजा पर्याप्त है। तो, अगर आप सर्दियों में हड्डियों को फौलादी बनाना चाहते हैं और जोड़ों के दर्द से राहत पाना चाहते हैं, तो चिलगोजा को सही मात्रा और सही तरीके से जरूर अपनाएं। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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