शरीर के लिए पानी है बेहद जरूरी, स्वामी रामदेव से जानें कैसे करें वाटर मैनेजमेंट

स्वामी रामदेव से जानें कैसे करें वाटर मैनेजमेंट

Image Source : FREEPIK

जल ही जीवन है, इंसान तो इंसान पौधों और जानवरों को भी ज़िंदा रहने के लिए पानी चाहिए। कबीर दास जी भी कह गए हैं रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून पानी गये न ऊबरे मोती, मानुष, चून। पानी के बिना ज़िंदगी की कल्पना भी नहीं की जा सकती। पृथ्वी का 71% हिस्सा पानी है तो शरीर में धड़कता दिल हो या लिवर,किडनी, फेंफड़े या फिर हर वक्त चलता दिमाग या नसों में दौड़ता खून, हर ऑर्गन हर सिस्टम पानी से ही चलता है। इंसान के लिवर-दिमाग में तकरीबन 80% पानी होता है, किडनी में 85, फेफड़ों में 83, तो दिल में करीब 73% वाटर होता है। और पूरे शरीर में सप्लाई होने वाले खून में भी 90% पानी ही बहता है।

अब ज़रा सोचिए पूरे शरीर को चलाने वाले इसी पानी की कमी हो जाए तो क्या होगा। सिर्फ 1% पानी की कमी होते ही प्यास लगने लगती है। 5% कम होने पर थकान तो वाटर लेवल 10% गिरते ही धुंधला दिखने लगता है और अगर 20% तक पानी की कमी हो जाए तो जान भी जा सकती है। कहने का मतलब ये कि अगर सिरदर्द, कॉन्स्टिपेशन, मसल्स पेन, क्रैंप और थकावट महसूस हो तो सबसे पहले अपने वाटर इंटेक को बढ़ाइए क्योंकि लंबे वक्त तक ये सिंपटम्स बड़ी बीमारियां दे सकते हैं। जैसे पानी कम पीने से शरीर में टॉक्सिंस जमा होते हैं। स्टोन बनने का खतरा बढ़ता है, किडनी-हार्ट-लिवर पर प्रेशर बढ़ जाता है, मेटाबॉलिज्म बिगड़ने से वेट बढ़ जाता हैं।

लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज का शो इसी पर फोकस है कि आपको कितना पानी पीना चाहिए। किस बर्तन में पीना चाहिए और किस टाइम पीना चाहिए। और आज आपको ये भी पता चलेगा कि आपके शरीर में जो बीमारियां हैं उनका पानी से क्या कनेक्शन है। और इन बीमारियों को वाटर थेरेपी और योग के जरिए कैसे ठीक करना है ये स्वामी रामदेव से जानेंगे।

शरीर में पानी

ब्रेन – 75 %

हार्ट – 79%

लिवर – 86%

स्किन – 64%

हड्डियां – 22%

मसल्स – 75%

ब्लड – 83%

फेफड़े – 80%

किडनी – 83%

ज्वाइंट्स – 83%

शरीर के लिए पानी कितना ज़रूरी?

हमारे शरीर के कुल वजन का लगभग 60% से 70% हिस्सा पानी होता है। यह सिर्फ प्यास बुझाने के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर के हर एक अंग और कोशिका (cell) के सही ढंग से काम करने के लिए भी अनिवार्य है। ऐसे में एक ग्लास पानी से दिन शुरु करें।

वाटर प्योर, बीमारी क्योर

हमेशा सादा पानी पीएं।

ठंडा पानी पीने से बचें।

बच्चों की प्यास का रखें ख्याल।

पानी स्टोर कैसे करें ?

मटके का पानी सबसे अच्छा होता है।

स्टील-तांबे के बर्तन में पानी रखें।

प्लास्टिक की बोतल के पानी से बचें।

बर्तन 24 घंटे में ज़रूर साफ करें।

पीने का पानी 24 घंटे में बदलें।

खाने के दौरान कितना पानी पीएं

खाने के बीच 1-2 घूंट पानी पीएं।

खाने के 45 मिनट बाद पानी पीएं।

दिन भर कितना पानी पीएं

सुबह उठकर खाली पेट पानी पीएं।

1 से 2 ग्लास पानी पीना अच्छा।

सादा या गुनगुना पानी ही पीएं।

गुनगुने पानी में नींबू-शहद फायदेमंद।

वाटर क्वालिटी कैसी होनी चाहिए?

TDS 100-250 PPM होना चाहिए।

इससे कम या ज्यादा TDS ठीक नहीं।

ड्रिंकिंग वाटर का pH लेवल 7-8 के बीच रहे। 

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *