फेलियर से पहले किडनी देती है अलर्ट! यूरिन के इन लक्षणों को इग्नोर करना पड़ सकता है भारी..

फेलियर से पहले किडनी देती है अलर्ट! यूरिन के इन लक्षणों को इग्नोर करना पड़ सकता है भारी..

Kidney Failure Early Signs: किडनी हमारे शरीर के सबसे अहम हिस्सों में से एक है, जो शरीर से बेकार पदार्थों और टॉक्सिन्स को बाहर निकलाने का काम करती हैं. लेकिन अक्सर हम किडनी की हेल्थ को इग्नोर कर देते हैं, क्योंकि इसका नुकसान धीरे-धीरे होता है और शुरुआती लक्षण लगभग दिखाई नहीं देते. किडनी की खराबी का पता चलने का सबसे आसान और शुरुआती तरीका यूरिन में होने वाले बदलाव हैं. यह एक ऐसा संकेत है जो किडनी के धीरे-धीरे खराब होने की चेतावनी देता है.

यूरिन में झाग बनना
यूरिन पास करने में झाग बनना किडनी की खराबी का सबसे आम संकेत माना जाता है. किडनी अगर ठीक से काम नहीं कर रही है, तो प्रोटीन को फिल्टर नहीं कर पाती और वह यूरिन में मिल जाता है. जब यह झाग ज्यादा और लगातार दिखाई दे, तो इसका मतलब है कि किडनी का फिल्टर सिस्टम कमजोर हो गया है. हालांकि, हर झाग किडनी की समस्या की निशानी नहीं होती. कभी-कभी तेज एक्सरसाइज, बुखार या शरीर में पानी की कमी के कारण भी पेशाब में झाग दिख सकता है. इसलिए सिर्फ झाग देखकर घबराना सही नहीं है, बल्कि कुछ टेस्ट कराना जरूरी है.

यूरिन डिपस्टिक टेस्ट
यूरिन डिपस्टिक टेस्ट एक आसान और शुरुआती स्क्रीनिंग का तरीका है. इसे आप घर पर भी कर सकते हैं. यह टेस्ट बताता है कि यूरिन में प्रोटीन मौजूद है या नहीं. हालांकि यह टेस्ट केवल एक संकेत देता है और प्रोटीन की मात्रा का सटीक आंकड़ा नहीं बताता. इसके अलावा यह एल्ब्यूमिन के स्तर के बारे में पूरी जानकारी नहीं देता. यह टेस्ट खासतौर पर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन मरीजों में किडनी डैमेज जल्दी हो सकती है.

किडनी फेलियर
किडनी के खराब होने का पता यूरिन एल्बुमिन-क्रिएटिनाइन रेशियो (यूएसीआर) से भी लगाया जाता है. अगर यह लगातार ज्यादा दिख रहा हो, तो यह खतरे की घंटी है. साथ ही अगर यूरिन में झाग ज्यादा हो, सूजन दिखाई दे, प्रोटीन और क्रिएटिनाइन बढ़ रहे हों या ब्लड प्रेशर संतुलित न हो, तो इसे हल्के में न लें. ये संकेत हैं कि आपकी किडनी को तुरंत ध्यान की जरूरत है.

इन लक्षणों को न करें इग्नोर
पेशाब में बदलाव को इग्नोर करना खतरनाक हो सकता है. झागदार पेशाब, लगातार बदलती रंगत, खून या असामान्य गंध आदि शुरुआती संकेत हो सकते हैं. इन बदलावों को समझना और समय पर डॉक्टर से मिलकर टेस्ट कराना बहुत जरूरी है.

ऐसे करें किडनी की केयर
किडनी की सुरक्षा के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में पीना, संतुलित भोजन करना, अधिक नमक और तेल वाले खाने से बचना और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी है.

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