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पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं। संक्रमित पाई गई दोनों महिलाएँ युवा नर्सें हैं, जो नॉर्थ 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं। 11 जनवरी 2026 को AIIMS कल्याणी स्थित इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी में इसकी पुष्टि हुई। बताया जा रहा है कि वे हाल ही में बर्दवान गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है, जबकि दोनों नर्सों का इलाज फिलहाल बारासात के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। ऐसे में चलिए जानते हैं निपाह वायरस के लक्षण क्या है और बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
क्या है निपाह वायरस?
विश्व स्वास्थ संगठन के मुताबिक, निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है जो जानवरों से इंसानों के बीच फैलता है। यह वायरस चमगादड़ और सूअर से इंसानों में फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आकर दूसरे लोगों को यह बीमारी हो सकती है।
निपाह वायरस होने पर दिखते हैं ये लक्षण
निपाह वायरस होने पर शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और गले में खराश शामिल हैं। इसके बाद चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ होना, मूड स्विंग, बेहोशी और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार, निपाह वायरस इंसानों में इंफेक्शन से लेकर मस्तिष्क में सूजन का खतरा पैदा करता है।। यह 24 से 48 घंटों के भीतर आ सकता है। निपाह वायरस के लक्षण किसी भी इंसान में 5 से 14 दिन के भीतर दिख सकते हैं।
निपाह वायरस से कैसे करें बचाव?
निपाह वायरस से बचाव के लिए चमगादड़ और बीमार जानवरों जैसे सूअर के संपर्क में आने से बचें। अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं। फल-सब्जियां अच्छी तरह धोकर ही खाएं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। बीमार होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें व खुद को अलग रखें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
