ये 4 लक्षण दिखे तो समझ लें आपके ऊपर मंडरा रहा है स्ट्रोक का खतरा, घर पर ही FAST टेस्ट से तुरंत करें पहचान

स्ट्रोक का खतरा
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स्ट्रोक एक जानलेवा स्थित है, जो की ठंड के मौसम में काफी ज्यादा देखने को मिलती है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें दिमाग तक जाने वाली खून की सप्लाई अचानक बंद हो जाती है या सप्लाई में कमी हो जाती है। अगर ऐसे में व्यक्ति को समय पर इलाज नहीं मिलता है, तो जान का खतरा बना रहता है या स्थाई नुकसान हो सकता है। आर्टेमिस अस्पताल में हेड- किडनी ट्रांसप्लांट और एसोसिएट्स चीफ-यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी, डॉ. वरुण मित्तल, के अनुसार, सर्दियों में स्ट्रोक का खतरा इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि ठंड में ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और खून गाढ़ा हो सकता है, ऐसे में फास्ट टेस्ट को याद रखना बहुत जरूरी है। इससे स्ट्रोक को जल्दी पहचाना जा सकता है आईए जानते हैं क्या है यह फस्ट टेस्ट?

क्या है फास्ट टेस्ट?

फास्ट टेस्ट एक आसान तरीका है जिससे हम स्ट्रोक को आसानी से पहचान सकते हैं यह एक आम जानकारी है, जो डॉक्टर के लिए ही नहीं बल्कि हर एक आम इंसान के लिए भी जरूरी है।

इन लक्षणों से करें पहचान:

  • F यानी फेस या चेहरा: अगर आपको स्ट्रोक जैसा कुछ भी समझ में आ रहा है, तो सबसे पहले व्यक्ति का चेहरा ध्यान से देखें चेहरे का एक हिस्सा अचानक ढीला या टेढ़ा लग रहा है? क्या मुस्कुराने पर मुंह एक तरफ झुक रहा है? अगर ऐसा दिखता है तो यह स्ट्रोक का पहला संकेत हो सकता है। कई बार मरीज खुद से महसूस नहीं कर पता है लेकिन सामने वाला व्यक्ति से आसानी से समझ सकता है।

  • A आर्म्स यानी बाह: इसके बाद आप व्यक्ति से दोनों हाथ ऊपर उठाने को कहें। अगर एक हाथ ऊपर नहीं उठ पा रहा है या नीचे अपने आप गिर जा रहा है। हाथ में अचानक कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो रहा है,  तो यह संकेत बताता है कि दिमाग का वह हिस्सा प्रभावित हो रहा है जो शरीर की मूवमेंट को कंट्रोल करता है।

  • S स्पीच यानी बोलने में दिक्कत: मरीज से कोई भी आसान सा सेंटेंस बोलने को कहें जैसे नाम पता या कुछ भी बोलते समय अगर व्यक्ति साफ नहीं बोल पा रहा है आवाज लड़खड़ा रही है तो यह भी स्ट्रोक का गंभीर संकेत है।

  • T से टाइम: अगर बोलने में से कोई भी दिक्कत नजर आए, तो समय बर्बाद ना करें। तुरंत एंबुलेंस बुलाएं या नजदीकी अस्पताल लेकर जाएं। स्ट्रोक में हर मिनट कीमती होता है। जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा उतना ही नुकसान कम होगा और उतने ही जान जाने का खतरा कम होगा।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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