इन गलतियों के कारण लोग गैस, एसिडिटी की समस्या से हैं परेशान, स्वामी रामदेव ने बताया इसका इलाज

इन गलतियों के कारण लोग गैस, एसिडिटी की समस्या से हैं परेशान

एक ऐसा इलाका जहां लोगों को ठंड से नहीं भूख से मरने का डर ज्यादा था। हम बात कर रहे हैं रूस का ‘प्सकोव’ की। जहां लोग सर्दियों में ‘जिंदा रहने’ के लिए छह-छह महीने सोते रहते थे। ये कोई कहानी नहीं सन 1900 के ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में दर्ज हकीकत है। इस प्रैक्टिस को लोग कहते थे ‘लोत्स्का’ जिसमें लोग जानबूझकर अपने शरीर को ‘धीमा’ कर देते थे। कम खाना, कम हिलना ताकि ठंड और भूख दोनों से बच सकें। लेकिन वो मजबूरी थी, वो हेल्थ ट्रेंड नहीं था। मेटाबॉलिज्म स्लो करके बस ‘जिंदा’ रहने की कोशिश थी। आज हालात बदल गए हैं अब सर्दी में हाइबरनेशन की जरूरत नहीं है। खाने की भी कमी नहीं है लेकिन परेशानी ये है कि सुविधा के साथ लोग ‘आलसी’ हो गए हैं। नतीजा पेट सुस्त, इम्यूनिटी कमजोर और बीमार पड़ने की रफ्तार तेज हो गईं। 

और शायद यही वजह है कि हमारे पूर्वज सर्दियों में ऐसी चीजें बनाते थे जो बॉडी को एक्टिव रखती थीं। ”गाजर-चुकंदर की कांजी”। सर्दियों का देसी प्रोबायोटिक आज की भाषा में कहें तो ‘देसी कोम्बुचा’। इसे आप भी घर में बना सकते हैं तरीका बेहद आसान है। काली गाजर और चुकंदर काटिए एक कांच के जार में डालिए पीली सरसों का पाउडर, नमक, हींग और पानी। बस ढककर धूप में रख दीजिए। 2 से 3 दिन में कुदरत खुद इसे दवा बना देगी। दरअसल, फर्मेंटेशन से इसमें बनते हैं। लाइव प्रोबायोटिक्स जो डायजेशन के लिए संजीवनी है। साथ ही विटामिन-बी, सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं। 

और ये जरूरी इसलिए भी है। क्योंकि सर्दियों में लोग कम पानी पीते हैं। पेट का सिस्टम धीमा पड़ता है और यहीं से एक खतरनाक परेशानी शुरू होती है। जी हां कोल्ड डायरिया ठंड में होने वाला ‘वायरल स्टमक इंफेक्शन’। लक्षण साफ हैं पेट में ऐंठन, कमजोरी, उल्टी और बार-बार दस्त। बच्चों और बुजुर्गों में ये डिहाइड्रेशन करता है जो जानलेवा भी हो सकता है। सोचिए कभी लोग सर्दी में जिंदा रहने के लिए सो जाते थे। आज जरूरत है शरीर को जगाए रखने की और इसके लिए बस रसोई की चमत्कारी चीजों की समझ होनी चाहिए। बाकि इसके साथ योग-आयुर्वेद में पेट के लिए क्या रामबाण उपाय है जो स्वामी रामदेव से जानेंगे। 

सर्द मौसमॉ में पाचन बिगड़ने की वजह

हाई कैलोरी फूड
वर्कआउट ना करना
पानी कम पीना
कमजोर इम्यूनिटी
मोटापा

कब्ज़ की होगी छुट्टी

सौंफ और मिश्री चबाएं
जीरा,धनिया,सौंफ का पानी लें
खाने के बाद अदरक खाएं

आंत होगी मजबूत 

गुलाब के पत्ते, सौंफ, इलायची, शहद को मिलाकर पेस्ट बनाएं और रोज 1 चम्मच खाएं। 

गैस होगी दूर 

अंकुरित मेथी खाएं।
मेथी का पानी पीएं।
अनार खाएं।
त्रिफला चूर्ण लें।

खराब पाचन में रामबाण है ये चीजें

जीरा       
धनिया
सौंफ
मेथी
अजवाइन

इन सभी को एक-एक चम्मच लें। इन्हें मिट्टी /कांच के ग्लास में डालें। रात में पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट पीएं। लगातार 11 दिन पीने से रिजल्ट देखने को मिलेगा। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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