
गाजियाबाद: गाजियाबाद रविवार को एक बार फिर देश में सबसे प्रदूषित शहर बन गया। बढ़ती सर्दी के साथ एक बार फिर से हवा की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। आज के एयर क्वॉलिटी इंडेक्स के आंकड़ों के हिसाब से गाजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 458 दर्ज किया गया। यह गंभीर श्रेणी में आता है। जनवरी महीने में यह पहली बार है जब प्रदूषण का स्तर 400 के ऊपर पहुंचा है। इससे पहले 14 दिसंबर को गाजियाबाद में AQI 459 दर्ज किया गया था।
दिल्ली और एनसीआर के दूसरे शहरों का भी AQI बहुत खराब रहा। दिल्ली समेत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लोनी जैसे इलाकों में भी AQI गंभीर श्रेणी में बना रहा। कल शाम से ही कुछ इलाकों में घना स्मॉग छाया रहा। इसी वजह से विजीबिलिटी कम हो गई। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वायु प्रदूषण के इतने खतरनाक स्तर को देखते हुए GRAP 4 के कड़े प्रावधान लागू कर दिए हैं। GRAP 4 के तहत गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर रोक, कम मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध और औद्योगिक गतिविधियों पर सख्ती की गई है।
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि 400 के ऊपर एक्यूआई होने पर हवा स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह होती है। बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से सांस या हार्ट पेशेंट को विशेष सावधानी बरतने चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में पहले तो घर से बाहर निकलने से बचें और अगर जरूरी काम से निकलना पड़े तो मास्क का उपयोग करें।
मौसम विभाग के अनुसार, ठंडी हवाओं की कमी और स्थिर वातावरण के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार बढ़ने या मौसम में बदलाव के बाद ही हालात में कुछ सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
