न लिया नाम और नहीं मिलाया हाथ, एक मंच के बाद भी दिखी लंबी दूरी; राहुल ने थरूर को नहीं दिया भाव?..

न लिया नाम और नहीं मिलाया हाथ, एक मंच के बाद भी दिखी लंबी दूरी; राहुल ने थरूर को नहीं दिया भाव?..

लोकसभा में नेता विपक्ष कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केरल से वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है? ऐसी बातों के कयास बीते कई सालों से लगाए जा रहे हैं. एक तरफ शशि थरूर केरल में कांग्रेस का चेहरा हैं तो वहीं दूसरी ओर वो आए दिन पार्टी विरोधी बयानों की वजह से मीडिया की सुर्खियों में छा जाते हैं. कभी-कभी तो ऐसा भी लगता है कि मानो शशि थरूर पार्टी ही बदल लेंगे. इन कयासों के बीच सोमवार (19 जनवरी) को एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच एक ही मंच पर दूरी दिखाई दी. जिसके गवाह मंच पर मौजूद कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी रहे.

सोमवार को राहुल गांधी केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी यानी केपीसीसी (KPCC) द्वारा आयोजित ‘विजयोत्सवम 2026 महापंचायत’ का उद्घाटन करने पहुंचे थे. जहां राज्य में हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय चुनावों में जीतने और हारने वाले सभी कांग्रेस प्रतिनिधि शामिल हुए. इस दौरान राहुल गांधी के मंच पर सचिन पायलट और केरल की तिरुवनन्तपुरम लोकसभा सीट से साल 2009 से सांसद हैं. एक ही मंच पर होने के बावजूद एक बार फिर राहुल गांधी और शशि थरूर के बीच मतभेद साफ दिखाई दिए.

राहुल गांधी ने न तो थरूर का नाम लिया और न की मुलाकात
राहुल गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करने के लिए मंच पर आए तो उन्होंने वहां उपस्थित लगभग सभी नेताओं के नाम लिए लेकिन शशि थरूर का नाम उन्होंने नहीं लिया. इतना ही नहीं राहुल गांधी से मिलने पहुंचे छोटे और सभी बड़े नेताओं ने उनसे मुलाकात की लेकिन शशि थरूर कतार में ही खड़े रहे. ये आयोजन कोच्चि के मरीन ड्राइव पर हुआ था. इस महापंचायत में लगभग 15000 से भी ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस आयोजन का मकसद निकाय चुनाव में जीतने और हारने वाले उम्मीदवारों को पार्टी की आगे की गतिविधियों की जानकारी देने के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरना था. इस दौरान कांग्रेस पार्टी के सांसद शशि थरूर भी मौजूद रहे.

पहले भी राहुल और थरूर के बीच अनबन की आ चुकी हैं खबरें
हालांकि ये कोई नई बात नहीं है जब राहुल गांधी और शशि थरूर के बीच अनबन की खबरें आईं हों. इसके पहले भी कई बार ऐसे मौके सामने आ चुके हैं जब थरूर ने पार्टी आलाकमान को दरकिनार किया हो. वहीं कई बार ऐसे मौके भी आए हैं जब थरूर की राय पार्टी लाइन से बिलकुल उलट रही है. थरूर की ऐसी गतिविधियों के चलते पार्टी ने उन्हें ऑल इंडिया प्रफेशनल कांग्रेस (AIPC) के प्रभार से भी हटा दिया. पिछले साल फरवरी में राहुल गांधी के साथ मुलाकात के बाद थरूर ने राहुल गांधी से साफ-साफ कहा संसद में महत्वपूर्ण बहसों के दौरान उन्हें किनारे किया जा रहा है तो क्या पार्टी उन्हें राज्य का राजनीति तक सीमित रखना चाहती है? अगर ऐसा है तो राज्य में उनकी भूमिका क्या होगी ये बात भी उन्हें बता दी जाए.

लोकसभा में पार्टी के व्हिप के बावजूद नदारद रहे थरूर
इसके पहले 12 दिसंबर को लोकसभा में कांग्रेस के जारी किए गए व्हिप के बावजूद भी शशि थरूर वहां नहीं पहुंचे थे. इस दिन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी. संसद भवन की ऐनेक्सी एक्सटेंशन बिल्डिंग में आयोजित की गई इस बैठक में संसद के शेष शीतकालीन सत्र के लिए विपक्ष की रणनीति, विपक्ष की एकजुटता और केंद्र की मोदी सरकार को घेरने के मुद्दों पर चर्चा होनी थी. कांग्रेस के लगभग सभी सांसदों ने इस बैठक में हिस्सा लिया था लेकिन थरूर यहां नहीं पहुंचे थे.

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