शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में गरमाई सियासत, अखिलेश ने फोन कर जाना हाल, कहा- हम आपके साथ

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में गरमाई सियासत, अखिलेश ने फोन कर जाना हाल, कहा- हम आपके साथ

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर अब सियासी माहौल भी गर्म होने लगा है. सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बात करके उनका हाल जाना और उनके साथ खड़े होने की बात कही. अखिलेश यादव से फोन पर बात करते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वो अपनी लड़ाई अभिमन्यु की तरह लड़ रहे हैं.

यही नहीं, उन्होंने अखिलेश यादव से अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि इन्होंने एक हिंदू बच्चे को गंगा स्नान करने से वंचित कर दिया है. अखिलेश यादव ने जल्द ही शंकराचार्य से मुलाकात करने को भी कहा है. दरअसल, कल यानी रविवार को संगम तट तक पालकी ले जाने को लेकर पुलिस-प्रशासन से उनके अनुयायियों की नोंकझोंक हुई थी. इसी से नाराज होकर वह धरने पर बैठ गए.

सरकार के इशारे पर मेरे साथ हुआ ये बर्ताव

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सरकार के इशारे पर उनके साथ ये बर्ताव किया गया, ताकि हमें सबक सिखाया जा सके. शंकराचार्य ने कहा कि दूसरे संत को पूरी VIP व्यवस्था के साथ स्नान कराया गया, लेकिन मुझे स्नान नहीं करने दिया. यह दोहरा चरित्र है. शंकराचार्य ने बड़ा आरोप लगाते हुए ये भी कहा कि मौनी अमावस्या पर उनकी हत्या करने की साजिश थी.

प्रशासन पूरे प्रोटोकॉल से कराएं स्नान

भक्तों का ये भी आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी और लाठीचार्ज किया, जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने सिर्फ भीड़ को काबू करने के लिए कदम उठाए. इस विवाद से नाराज होकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संगम स्नान करने से मना कर दिया. उनका कहना है कि पुलिस-प्रशासन प्रोटोकॉल के तहत उनको स्नान कराए.

क्या हुआ था उस दिन?

दरअसल, प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर गंगा स्नान को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के भक्तों और पुलिस के बीच जमकर बवाल हुआ. इसके बाद पुलिस ने उनके भक्तों को घसीटते हुए ले गई और शंकराचार्य को बिना स्नान किए वापस जाना पड़ा. अपने और अपने भक्तों के साथ हुई अभद्रता के बाद अब शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं.

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