
नोएडा। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद मंगलवार शाम को चौथे दिन उनकी कार पानी से भरे बेसमेंट से निकाली गई। 27 वर्षीय युवराज मेहता की ग्रैंड विटारा कार शुक्रवार की देर रात घने कोहरे के कारण सड़क से उतरकर पानी से भरे कंस्ट्रक्शन के गड्ढे में गिर गई थी। इस घटना में युवराज करीब ढाई घंटे तक जिंदगी बचाने के लिए जूझते रहे, लेकिन तुरंत मदद न मिलने के कारण उनकी पानी में डूबकर मौत हो गई।
मंगलवार शाम को नोएडा के सेक्टर 150 में 20 फुट गहरे गड्ढे से एक क्रेन की मदद से ग्रे रंग की एसयूवी कार को बाहर निकाला गया है, जिसके ऊपर काफी खरपतवार जमा हो गया था। कार के बाहर निकलने से उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कुछ अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
एनडीआरएफ की टीम ने 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद करीब 6.30 बजे इंजीनियर युवराज मेहता की कार को गड्ढे से बाहर निकला है। कार का बोनट खुला और अगला हिस्सा अंदर धंसा हुआ नजर आ रहा है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कार की किसी चीज से टक्कर हुई थी। इसके अलावा कार की सनरूफ भी खुली हुई थी। अधिकारियों का मानना है कि शायद युवराज उसी से या टूटे हुए विंडशील्ड से गाड़ी से बाहर निकले होंगे।
निर्माणाधीन बेसमेंट का मालिक बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार
सेक्टर-150 में बेसमेंट के पानी में डूबकर हुई इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। नोएडा पुलिस ने मंगलवार को नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रविवार को दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अभय कुमार एमजे विशटाउन का मालिक है। अभी एक और बिल्डर की गिरफ्तारी होनी है।
उल्लेखनीय है कि नॉलेज पार्क कोतवाली इलाके में शुक्रवार देर रात सेक्टर-150 के पास बेसमेंट में भरे पानी में डूबकर कार सवार इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हुई थी। उन्हें बचाने के लिए पुलिस, दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने करीब साढ़े 4 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था, लेकिन युवराज को नहीं बचाया जा सका। इस दौरान उनका शव बरामद किया गया था, लेकिन अधिक गहराई होने की वजह से डूबी कार नहीं निकाली जा सकी थी।
