
नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने मुकदमे में नामजद बिल्डर अभय कुमार सिंह को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. अभय कुमार सिंह एमजेड विसटाउन का मालिक है. इस मामले में युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर नॉलेज पार्क थाने में FIR दर्ज की गई थी. ये FIR अभय कुमार सिंह के साथ-साथ एक अन्य बिल्डर के खिलाफ दर्ज की गई थी. वहीं नोएडा अथॉरिटी के जेई को सस्पेंड कर दिया गया था.
नोएडा के सेक्टर-150 में हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी हो गई है. तीन सदस्यीय SIT टीम का गठन होने के बाद नोएडा पुलिस-प्रशासन हरकत में आया और नामजद एमजेड विसटाउन के मालिक अभय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. इस मामले में दर्ज FIR में दो बिल्डर एमजेड विसटाउन और लोटस ग्रीन को नामजद किया गया था. जांच के दौरान प्रथम दृष्टया लापरवाही और जिम्मेदारी तय होने के बाद पुलिस ने यह अहम कदम उठाया है.
2 बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में दो बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके बाद पुलिस की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिल्डर अभय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया. वहीं जांच के लिए SIT टीम का गठन होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में और भी गिरफ्तारियां जल्द होंगी. लापरवाह लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी. SIT के अधिकारियों ने आज मौके पर जांच-पड़ताल भी की.
दो बेसमेंट के बीच फंसी युवराज की कार
मंगलवार दोपहर करीब 12:00 बजे NDRF और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची. चूंकि घटना वाले दिन सिर्फ युवराज का शव बरामद हुआ था, जबकि कार को निकाला नहीं जा सकता था. नाव का बंदोबस्त कर टीम के सदस्य पानी में उतरे. करीब तीन घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार युवराज की कार को गोताखोरों ने ढूंढ निकाला. अब कार को निकालने की तैयारी की जा रही है. कार दो बेसमेंट के बीच में फंसी है.
