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पिछले कुछ सालों में सीधे और सिल्की बालों का फैशन तेजी से बढ़ा है। ब्यूटी पार्लर, हेयर सलून में जाकर लोग बालों को स्ट्रेट करवा रहे हैं। लेकिन बालों को सीधा कराने की प्रक्रिया में जिस केमिकल ट्रीटमेंट का इस्तेमाल किया जाता है वो आपके लिए खतरनाक हो सकता है। केमिकल युक्त क्रीम लगाने के बाद बालों पर कई बार हीटिंग ट्रीटमेंट करके बालों को सीधा बनाया जाता है। ये केमिकल इतना खतरनाक होता है कि आंख, नाक और त्वचा पर जलन पैदा कर सकता है। इतना ही नहीं इससे आपकी किडनी भी फेल हो सकती है। प्रोफेसर डॉक्टर बीपीएस त्यागी ने एक वीडियो शेयर कर लोगों को सचेत करते हुए इसके गंभीर नुकसान के बारे में बताया है।
बालों को सीधा करना किडनी पर भारी
डॉक्टर बीपीएस त्यागी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने साफ शब्दों में बताया है कि बालों को सीधा करवाने से आपको डायलिसिस कराने की नौबत आ सकती है। डॉक्टर त्यागी ने बताया कि बालों को स्ट्रेट करने के लिए ग्लाइऑक्जलिक एसिड केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जो हमारे वालों को सीधा तो कर देता है, लेकिन उसके साथ-साथ हमारे गुर्दों को यानि किडनी को खराब कर देगा। इससे नेफ्रोपैथी होता है और नेफ्रोपैथी होने के बाद किडनी फेल हो जाती हैं और ये एक्यूट रीनल शटडाउन में चले जाते हैं। आपको डायलिसिस की जरूरत पड़ती रहती है।
ये जो केमिकल है ग्लाइऑक्जलिक एसिड इसे ज्यादातर देशों में बैन कर दिया गया है। हाल ही में इजराइल में 15 साल की लड़की ने ग्लाइऑक्जलिक एसिड केमिकल को बालों पर इस्तेमाल कराया और उसके बाद लड़की को पेट में दर्द हुआ तो पता चला कि उसे एक्यूट किडनी इंजरी हुई है। ये केमिकल भारत में आसानी से उपलब्ध है। डॉक्टर त्यागी ने लोगों को सलाह देते हुए कहा है कि अगर आप किसी भी केमिकल से स्ट्रेटनिंग कराते हैं तो पहले उसका नाम जान लें। आपको अपने बालों पर ग्लाइऑक्जलिक एसिड केमिकल का इस्तेमाल भूलकर भी नहीं कराना है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
