’12 साल बड़े रिश्तेदार से मेरी शादी…’, हिंदू बॉयफ्रेंड के लिए कोर्ट तक जा पहुंची मुस्लिम गर्लफ्रेंड, जज ने सुनाया ये फैसला

’12 साल बड़े रिश्तेदार से मेरी शादी…’, हिंदू बॉयफ्रेंड के लिए कोर्ट तक जा पहुंची मुस्लिम गर्लफ्रेंड, जज ने सुनाया ये फैसला

या तो मैं सुंदर से शादी करूंगी या अपनी जान दे दूंगी… बिजनौर जिले के नहटौर थाने में जब 19 साल की सोनी ने ये शब्द कहे, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए. यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लग सकती है. लेकिन यह हकीकत है नहटौर के इलाबास गांव की. यहां एक मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक के साथ जीवन बिताने के लिए अपने पूरे परिवार से मोर्चा खोल दिया.

सोनी का आरोप था कि उसके घरवाले उसकी मर्जी के खिलाफ उसका निकाह उम्र में 10-12 साल बड़े एक रिश्तेदार से करना चाहते हैं. सोनी गांव के ही सुंदर नाम के युवक से प्यार करती है. जब उसने यह बात घरवालों को बताई, तो घर में कोहराम मच गया. धर्म की दीवार और उम्र के फासले के कारण परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे और सोनी पर जबरन निकाह का दबाव बना रहे थे.

अपनी जान को खतरा बताते हुए सोनी खुद थाने जा पहुंची. उसने दो टूक शब्दों में पुलिस से कहा कि वह बालिग है और उसे अपना जीवनसाथी चुनने का हक है. बोली- सर मेरे घरवाले मेरा निकाह उम्र में दस बारह साल बडे रिश्तेदार से करना चाहते हैं. लेकिन मैं गांव के ही सुंदर से प्यार करती हूं. बस उससे ही शादी करना चाहती हुं. सुंदर हिंदु है, इसलिए मेरे घरवाले राजी नहीं हैं. और मेरे साथ जो जबरदस्ती करके निकाह करने पर आमादा हैं. मुझे मार भी सकते हैं. शादी करूंगी तो सुंदर से ही. वरना जान दे दूंगी.

जादू-टोने का आरोप लगाया

पुलिस ने जब सोनी के परिवार वालों को थाने बुलाया, तो वहां घंटों तक बहस और ड्रामा चला. परिजनों का दावा था कि सुंदर के परिवार ने सोनी पर ‘जादू-टोना’ करके उसे वश में कर लिया है. उन्होंने सोनी को मनाने और समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही. हैरानी की बात यह रही कि थाने में चले इस ड्रामे के दौरान प्रेमी युवक या उसके परिवार का कोई भी सदस्य वहां मौजूद नहीं था. सोनी अकेली ही अपने परिवार और समाज की परंपराओं से लड़ रही थी.

कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

पुलिस के लिए यह मामला पेचीदा था. एक तरफ परिजन युवती को साथ ले जाने पर अड़े थे, तो दूसरी तरफ युवती अपने प्रेमी के पास जाने की मांग कर रही थी. सोनी ने अपने बालिग होने के दस्तावेजी सबूत पुलिस को सौंप दिए.

मामले को कानूनी रूप से सुलझाने के लिए पुलिस ने सोनी का मेडिकल कराया और उसे बिजनौर में अपर सिविल जज (चतुर्थ) की अदालत में पेश किया. कोर्ट में सोनी ने बयान दिया कि वह बालिग है और बिना किसी दबाव के सुंदर के साथ रहना चाहती है. मेडिकल रिपोर्ट और उम्र के पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सोनी अपनी मर्जी से जीवन जीने के लिए स्वतंत्र है. कोर्ट के आदेश के बाद वह अपने प्रेमी के साथ रवाना हो गई.

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