न एलन मस्क की टेस्ला कार मिली, न मिला 2 करोड़ का सोना, छोटी सी गलती और पलभर में गंवा बैठे 11 लाख रुपए..


शिमला: हिमाचल प्रदेश में साइबर ठगी के मामले रुक नहीं रहे हैं. साइबर ठक आए दिन नए-नए तरीके अपना कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. अब साइबर ठगों ने बड़े बिजनेसमैन के नाम से ठगी करना भी शुरू कर दिया है. ताजा मामला शिमला का है. यहां इंटरनेशनल बिजनेसमैन और टेस्ला कंपनी के सीईओ एलन मस्क के नाम पर शातिरों ने ठगी की और लाखों रुपए ऐंठ लिए.

ऐसे दिया ठगी को अंजाम
एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि शिमला निवासी धन सिंह ‘थ्रेड’ एप्लिकेशन पर ऑनलाइन ब्राउजिंग कर रहे थे. इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को एलन मस्क बताते हुए बातचीत शुरू की. ठग ने बातचीत के दौरान दावा किया कि शिकायतकर्ता यानी पीड़ित को गिफ्ट में एक नई टेस्ला कार, नकद राशि और करीब 2.3 करोड़ रुपए का सोना दिया जाएगा. इस आकर्षक ऑफर ने पीड़ित को भरोसे में ले लिया. इसके बाद ठग ने खुद को टेस्ला की ‘डिलीवरी टीम’ से जुड़ा बताते हुए एक मोबाइल नंबर पर कांटेक्ट करने को कहा. बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता से डिलीवरी चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के नाम पर पैसे मांगे जाने लगे. शुरुआत में शिकायतकर्ता से दो हजार लिए, फिर पांच हजार और इसके बाद किस्तों में रकम बढ़ती चली गई. ठगों ने हर बार शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि अगले भुगतान के बाद तुरंत पैकेज भेज दिया जाएगा.

इतने रुपए की हुई ठगी
एसपी शिमला ने बताया कि इस तरह से अलग-अलग किस्तों में धन सिंह से कुल 11,87,644 रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए. जब इसके बावजूद भी धन सिंह को न तो कई टेस्ला कार मिली, न नकद राशि और न ही सोने से जुड़ा कोई प्रमाण मिला. उल्टा, ठग लगातार और पैसे की डिमांड करते रहे. इस दौरान शिकायतकर्ता को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उसके बाद उन्होंने पुलिस में साइबर ठगी का मामला दर्ज करवाया.

“थाना छोटा शिमला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (2) और आईटी एक्ट की धारा 66 सी व 66 डी के तहत केस दर्ज किया गया है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. लोगों को बार-बार जागरूक किया जा रहा है कि वह सोशल मीडिया पर किसी भी लालच में ना पड़े. लोग लालच में पड़कर ठगी का शिकार हो रहे हैं और साइबर ठग उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं.” – संजीव गांधी, एसपी शिमला

पुलिस का जनता के लिए संदेश
एसपी शिमला ने बताया कि ये एक संगठित साइबर ठगी का मामला प्रतीत होता है. इसमें फर्जी पहचान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है. बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है, ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके. उन्होंने कहा कि आम लोगों से अपील की है कि किसी भी बड़े ऑफर, विदेशी उपहार या मशहूर हस्तियों के नाम से आने वाले संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसे जाल से बचा जा सके.

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