
मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अहम बयान दिया है। पुतिन ने अमेरिका में फ्रीज किए गए रूसी एसेट्स का उपयोग यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए करने की इच्छा जताई है। यह बयान गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ होने वाली बातचीत से ठीक पहले आया है। पुतिन ने टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति संधि होने के बाद, अमेरिका में फ्रीज किए गए रूसी एसेट्स से बची हुई राशि का इस्तेमाल लड़ाई से प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए किया जा सकता है।
पुतिन ने क्या कहा?
पुतिन ने कहा, “अमेरिका में हमारे फ्रीज किए गए एसेट्स से बची हुई रकम का इस्तेमाल रूस और यूक्रेन के बीच शांति संधि होने के बाद लड़ाई से क्षतिग्रस्त इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए किया जा सकता है। हम अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ इस संभावना पर भी चर्चा कर रहे हैं।” इसके अलावा, पुतिन ने ट्रंप की ओर से प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को गाजा संघर्ष विराम योजना की देखरेख के लिए 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर दान करने की घोषणा की। यह बोर्ड ट्रंप की पहल है, जो गाजा में शांति और पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए बनाया गया है।
अमेरिकी पक्ष से चल रही है वार्ता
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि फ्रीज एसेट्स से यह राशि बोर्ड को दी जा सकती है, और इस पर अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत चल रही है। रूस के अनुसार, अमेरिका में कुल लगभग 4-5 बिलियन डॉलर के एसेट्स फ्रीज हैं (हालांकि अधिकांश यूरोपीय देशों में हैं)। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए पुरजोर कोशिशें कर रहा है।
रूस को मिल सकता है लाभ
अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर गुरुवार को मॉस्को में पुतिन से मिलने वाले हैं। यह बैठक यूक्रेन समस्या के संभावित समाधान पर केंद्रित होगी, जिसमें शांति समझौते, क्षेत्रीय व्यवस्थाएं और पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। पुतिन का यह कदम रणनीतिक लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि फ्रीज एसेट्स मूलरूप से रूस के 2022 के यूक्रेन आक्रमण के जवाब में जब्त किए गए थे। अब इन्हें पुनर्निर्माण और शांति प्रयासों के लिए इस्तेमाल करने का प्रस्ताव रूस को बातचीत में लाभ दिला सकता है।
यूक्रेन में जारी हैं रूस के हमले
मॉस्को में पुतिन के साथ होने वाली बातचीत यूक्रेन युद्ध के समाधान की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है। पुतिन के बयान से संकेत मिलता है कि रूस शांति प्रक्रिया में सहयोग के लिए तैयार है। फिलहाल, रूस की ओर से यूक्रेन में लगातार हमले जारी हैं।
