‘UP की वोटर लिस्ट ‘सेकुलर’…कलयुग के कालनेमी कौन हैं?’ अखिलेश बोले- क्या नोएडा के पुलिस अधिकारी या DM को हटा सकती है सरकार

‘UP की वोटर लिस्ट ‘सेकुलर’…कलयुग के कालनेमी कौन हैं?’ अखिलेश बोले- क्या नोएडा के पुलिस अधिकारी या DM को हटा सकती है सरकार

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने एसआईआर, शंकराचार्य और नोएडा के युवराज मेहता मामले में सरकार पर हमला बोला है. अखिलेश ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटाने से काम नहीं चलेगा. सरकार को पुलिस के सीनियर अधिकारी और डीएम को हटाना चाहिए था.

शनिवार को सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अधिकारियों के साथ मिलकर लोकतंत्र की जड़ें कमजोर कर रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यूपी की वोटर लिस्ट इतनी सेकुलर हो गई है कि अब कागजों पर भगवान दास के घर में मोहम्मद अफजल का नाम दर्ज किया जा रहा है. आउटसोर्सिंग और गड़बड़ियों के इसी खेल को आधार बनाकर सपा प्रमुख ने आज चुनाव आयोग और सरकार की मंशा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए.

शंकराचार्य मामले पर सीएम योगी को घेरा

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर सीएम योगी को घेरते हुए उन पर निशाना साधा. अखिलेश यादव ने पूछा, कालनेमी को याद करने वाले बताएं कलयुग के कालनेमी कौन हैं? आखिर कलयुग का विलेन कौन हैं उन्हें पहचानना चाहिए. ऐसे लोगों पर कालनेमी काल बनकर आएगा. अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से कहा कि “हमें लगातार लड़ते रहना होगा. तभी बुरे लोगों से जीता जा सकता है.

युवराज मेहता मामले में CM को घेरा

नोएडा के युवराज मेहता मामले में अखिलेश यादव ने कहा कि जो इस घटना के दौरान मौके पर पहुंचे थे उनकी जिम्मेदारी थी. फिर चाहे वे फायर ब्रिगेड और या पुलिस वाले रहे हों. उन्होंने कहा कि पुलिस की डायल 100 का काम 5 मिनट में पहुंचना था. उन्होंने आरोप लगाया कि डायल 100 को मुख्यमंत्री योगी ने बर्बाद कर दिया. सीएम की लापरवाही की वजह से ये प्रक्रिया भ्रष्टाचार का शिकार बन गई है. उस युवक की जान सीएम और सरकार की वजह से गई है.

क्या CM नोएडा के पुलिस अधिकारी या डीएम को हटा सकते हैं?

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को इस मामले में हटाया गया है. जबकि सरकार को पुलिस को हटाना चाहिए था, लेकिन ऐसा कैसे कर सकते हैं. क्या वे नोएडा के किसी सिनियर पुलिस अधिकारी या डीएम को हटा सकते हैं. सरकार ऐसा नहीं कर सकती है. इसकी पीछे बड़ी वजह है. दरअसल अगर डीएम को हटा दिया जाएगा तो वोटर लिस्ट में दिक्कतें आएंगी, बस उसी वजह से डीएम को नहीं हटाया गया.

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