आखिर चंद्रशेखर आजाद ने क्यों दिया 15 दिन का अल्टीमेटम?..

आखिर चंद्रशेखर आजाद ने क्यों दिया 15 दिन का अल्टीमेटम?..

Chandrashekhar Azad: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा है कि आने वाले पंद्रह दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक फिज़ा बदलने वाली है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे संघर्ष के लिए तैयार रहें, क्योंकि कमजोर वर्गों की एकजुटता ही मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाने की ताकत रखती है।

रविवार को आगरा के जीआईसी मैदान में आयोजित ‘संवैधानिक अधिकार बचाओ–भाईचारा बनाओ’ रैली को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने रामलीला मैदान की अनुमति न मिलने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार हमसे मैदान छीन सकती है, लेकिन जनता के दिलों से नहीं निकाल सकती। रैली में उमड़ी भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि आज चारों ओर नीला समंदर दिखाई दे रहा है, जो बदलाव का संकेत है। उन्होंने इसे पहला ऐसा आंदोलन बताया जिसमें सभी जाति और धर्म के नेता एक मंच पर एकजुट हुए हैं।

परंपरागत राजनीति पर कटाक्ष करते हुए सांसद ने कहा कि कई दलों में नेता सांसद और विधायक तो बन जाते हैं, लेकिन अपने समाज की आवाज तक नहीं उठा पाते। उन्होंने 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन को याद करते हुए कहा कि उस समय आगरा के जिलाधिकारी कार्यालय पर नीला झंडा लहराता दिखा था। उस आंदोलन में बलिदान देने वाले और जेल जाने वाले साथियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।चंद्रशेखर आज़ाद ने ऐलान किया कि 2027 में सत्ता परिवर्तन होते ही उसी शाम तक सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएंगे और लाठी खाने वालों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर यह जनचेतना सत्ता की दिशा में मुड़ गई, तो वह दिन दूर नहीं जब लखनऊ के कालीदास मार्ग पर एक अंबेडकरवादी, बहुजनवादी और संविधानवादी मुख्यमंत्री बैठेगा।

उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार में आने पर शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इलाज के अभाव में किसी की जान नहीं जाने दी जाएगी और एक हजार रुपये में संपूर्ण इलाज की व्यवस्था की जाएगी। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों से केवल भाषण दिए गए हैं, अब आज़ाद समाज पार्टी रोजगार सृजन का काम करेगी। कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों पर बुरी नजर डालने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी। महंगाई, गिरते रुपये और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर उन्होंने कहा कि अमीरों की तिजोरियों में जमा भ्रष्टाचार का पैसा निकालकर गरीबों के कल्याण में लगाया जाएगा।

चंद्रशेखर आज़ाद ने आगरा के जूता उद्योग में जीएसटी और छापेमारी के नाम पर हो रहे उत्पीड़न, यूजीसी के नए नियमों, न्यायपालिका पर दबाव और गरीबों की जमीन छीने जाने जैसे मुद्दों पर भी सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आगरा कमजोरों की राजधानी है और सच्चे अंबेडकरवादियों को ताकत मिली तो गुंडागर्दी अपने आप खत्म हो जाएगी।रैली के दौरान करीब 15 से 20 हजार लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे आयोजन स्थल पर अव्यवस्था फैल गई। उत्साहित समर्थकों ने बेरिकेडिंग तोड़ दी और कई कुर्सियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हालात बिगड़ते देख मंच से चंद्रशेखर आज़ाद ने लोगों से संयम बरतने और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की।

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