
गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश विरोधी तत्वों की संभावित गतिविधि को लेकर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को मिली विशिष्ट जानकारी के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है. सशस्त्र सीमा बल की 42वीं वाहिनी के सेनानायक गंगा सिंह उदावत ने रविवार को बताया कि ऐसी विशिष्ट सूचना मिली है कि 26 जनवरी (आज) को देश विरोधी तत्व कुछ हरकत कर सकते हैं. इसके मद्देनजर एसएसबी जवान सीमा से सटे सड़क, जंगल, पगडंडियों व जलीय क्षेत्र में चौबीसों घंटे सतर्कता बरत रहे हैं.
उन्होंने बताया कि सभी सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ा दी गयी है. एसएसबी की फ्लड यूनिट नदियों में दिन-रात गश्त कर रही है. सीमा पर डाग स्क्वायड, फेस डिटेक्टर डिवाइस, वाच टावर तथा पूरा तंत्र मुस्तैद होकर सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बरत रहा है.
सीमा पर आने-जाने वालों की तलाशी
उदावत ने बताया कि सीमा पर आने-जाने वालों की तलाशी लेकर तथा पहचान देखकर ही आवागमन की अनुमति दी जा रही है. उन्होंने कहा कि यह सख्ती आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है तथा लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की गई है.
सशस्त्र सीमा बल की निगरानी
देश की 1751 किलोमीटर लंबी नेपाल से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा का 551 किलोमीटर भाग उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. यह खुली सीमा राज्य के सात जिलों पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज से होकर गुजरती है. यह सीमा क्षेत्र मुख्य रूप से सशस्त्र सीमा बल की निगरानी में है.
हर आने जाने वालों पर कड़ी नजर
भारत नेपाल सीमा पर डॉग स्क्वायड और सीसीटीवी से नेपाल से हर आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और नेपाल से आने वालों में से किसी भी संदिग्ध दिखने पर उसकी कड़ी तलाशी ली जा रही है. वहीं भारत नेपाल की खुली सीमा होने के कारण एसएसबी और पुलिस के जवान बॉर्डर पर पैट्रोलिंग भी कर रहे हैं. महिलाओं की तलाशी के लिए महिला जवानों की ड्यूटी लगाई गई है जो दिन रात यहां पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बरत रही है.
