
भारत सरकार हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार घोषित करती है. इस बार भी 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से नवाजे जाने की घोषणा हुई है. मशहूर फिल्म अभिनेता धर्मेन्द्र और केरल के सीएम रहे वीएस अच्युतानन्द को मरणोपरांत पद्म विभूषण, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक रहे शिबू सोरेन मरणोपरांत पद्म भूषण देने की घोषणा हुई है. इस बार कुल 5 पद्म विभूषण, 13 पद्मभूषण और 113 पद्मश्री घोषित किए गए हैं.
अक्सर हमारे मन में सवाल उठते हैं कि पद्म पुरस्कार पाने वाले को क्या-क्या मिलता है? तीनों पुरस्कार एक दूसरे से क्यों और कैसे भिन्न हैं? कब हुई थी इनकी शुरुआत, क्या हैं इसके नियम? क्या इसकी भी आवेदन प्रक्रिया है, क्या कोई ऐसा भी है जिसे तीनों पद्म पुरस्कार मिले? आइए, सब विस्तार से जानते हैं.
कुल चार नागरिक सम्मान देने की व्यवस्था
भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में क्रमशः भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण तथा पद्मश्री हैं. ये पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में असाधारण योगदान देकर राष्ट्र का मान बढ़ाया हो. कला, साहित्य, विज्ञान, खेल, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, उद्योग, शिक्षा, लोकसेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को यह सम्मान प्रदान किया जाता है. भारत सरकार की वेबसाइट पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक अपनी शुरुआत से अब तक 53 हस्तियों को भारत रत्न, 348 को पद्म विभूषण, 1352 को पद्म भूषण तथा 3757 को पद्मश्री सम्मान दिए गए हैं.
इस बार कुल 5 पद्म विभूषण, 13 पद्मभूषण और 113 पद्मश्री घोषित किए गए हैं.
पद्म पुरस्कार क्या हैं?
पद्म पुरस्कार भारत के नागरिक सम्मान हैं, जिन्हें हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किया जाता है. ये पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं. पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री. इनका क्रम वरिष्ठता (Hierarchy) के अनुसार है, यानी पद्म विभूषण सबसे उच्च और पद्म श्री तीसरे स्तर का पुरस्कार है. हालांकि तीनों ही अत्यंत प्रतिष्ठित माने जाते हैं और इन्हें पाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है.
पद्म पुरस्कार की शुरुआत कब हुई?
पद्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में भारत सरकार द्वारा की गई थी. स्वतंत्र भारत में यह महसूस किया गया कि केवल भारत रत्न जैसा सर्वोच्च सम्मान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रतिभाशाली लोगों को अलग अलग स्तरों पर सम्मानित करने की आवश्यकता है. इसी उद्देश्य से पद्म पुरस्कारों की स्थापना हुई. शुरुआत में पद्म पुरस्कारों को अलग अलग श्रेणियों में बांटा गया था, लेकिन बाद में वर्तमान तीन स्तरीय संरचना को अपनाया गया.

तीनों पद्म पुरस्कार एक दूसरे से क्यों और कैसे भिन्न हैं?
- पद्म विभूषण: यह पद्म पुरस्कारों की शृंखला में पहला और भारत रत्न के बाद दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. यह उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट सेवा (Exceptional and Distinguished Service) दी हो. योगदान का प्रभाव राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर का होता है. इसकी संख्या बहुत सीमित होती है. आमतौर पर जीवनपर्यंत उपलब्धियों के लिए दिया जाता है. इस बार यह पुरस्कार पाँच हस्तियों को दिया गया.
पद्म पुरस्कार 2026
- पद्म भूषण: यह पद्म पुरस्कारों में दूसरा तथा भारत रत्न के साथ तीसरे स्तर का नागरिक सम्मान है. यह उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा (Distinguished Service of a High Order) की हो. योगदान राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण होता है. पद्म विभूषण की तुलना में यह अपेक्षाकृत अधिक दिए जाते हैं. इस गणतंत्र दिवस पद्म भूषण पाने वाली हस्तियों की संख्या 13 है.
- पद्म श्री: यह देश का चौथा और सबसे व्यापक स्तर पर दिया जाने वाला पद्म पुरस्कार है. इस बार पद्म श्री पाने वाले हस्तियों की संख्या 113 है. यह उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा (Distinguished Service) की हो. इसमें जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले लोग भी शामिल होते हैं. ग्रामीण, लोककला, सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में कार्य करने वालों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाता है.
संक्षेप में समझें तो पद्म विभूषण, असाधारण योगदान के लिए, पद्म भूषण, उच्च स्तर के विशिष्ट योगदान के लिए तथा पद्म श्री उल्लेखनीय और प्रेरणादायक योगदान के लिए दिए जाने का प्रावधान है.
किन क्षेत्रों में पद्म पुरस्कार दिए जाते हैं?
पद्म पुरस्कार लगभग सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिए जाते हैं. जैसे, कला (संगीत, नृत्य, चित्रकला, रंगमंच), साहित्य और शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, खेल, उद्योग और व्यापार, लोकसेवा एवं पर्यावरण संरक्षण आदि प्रमुख हैं. यह जरूरी नहीं कि पुरस्कार केवल प्रसिद्ध या बड़े नामों को ही मिले. कई बार साधारण पृष्ठभूमि के असाधारण लोग भी चुने जाते हैं.

पद्म पुरस्कार में नकद रकम देने की व्यवस्था नहीं है. इन्हें प्रतीकात्मक और सम्मानजनक रूप में दिया जाता है.सरकारी तौर पर इसके साथ कोई वेतन, पेंशन या आर्थिक लाभ नहीं जुड़ा होता, लेकिन कई बार राज्य सरकारें या संस्थान अपने स्तर पर सम्मान या सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं.
क्या पद्म पुरस्कार के लिए आवेदन प्रक्रिया है?
पद्म पुरस्कार के लिए नामांकन (Nomination) प्रक्रिया होती है. कोई भी नागरिक किसी योग्य व्यक्ति का नाम सुझा सकता है. स्वयं के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं होती. नामांकन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से हो सकता है. केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, संस्थान और आम नागरिक नाम भेज सकते हैं. गृह मंत्रालय सभी नामांकनों को एकत्र करता है. एक उच्च स्तरीय पद्म पुरस्कार समिति इन नामों की समीक्षा करती है. अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की स्वीकृति से होता है. इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और विविधता का विशेष ध्यान रखा जाता है.
क्या किसी व्यक्ति को तीनों पद्म पुरस्कार मिले हैं?
सिद्धांत रूप से यह संभव है, लेकिन व्यवहार में ऐसा कम देखा जाता है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि तीनों सम्मान किसी को नहीं मिले हैं. ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम है. अब तक बहुत कम लोग ऐसे रहे हैं जिन्हें क्रमशः पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण—तीनों पुरस्कार मिले हों. ऐसे व्यक्तियों ने अपने जीवन के अलग अलग चरणों में लगातार बढ़ते हुए योगदान दिए हैं. हालांकि, भारत सरकार की नीति के अनुसार, एक व्यक्ति को बार बार सम्मानित करने से अधिक नए और विविध योगदानकर्ताओं को अवसर देने पर जोर दिया जाता है. इसलिए तीनों पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संख्या सीमित है.
पद्म पुरस्कारों का सामाजिक महत्व
पद्म पुरस्कार केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं हैं, बल्कि ये समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं. ईमानदार और निरंतर परिश्रम को मान्यता मिलती है. प्रसिद्धि नहीं, बल्कि योगदान महत्वपूर्ण है. राष्ट्र निर्माण में हर क्षेत्र की भूमिका अहम है. ग्रामीण शिक्षक, लोक कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और नवाचार करने वाले लोग जब पद्म श्री पाते हैं, तो यह समाज में सकारात्मक बदलाव की भावना को मजबूत करता है.
पद्म पुरस्कार भारत की सम्मान परंपरा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. ये पुरस्कार यह साबित करते हैं कि देश केवल सत्ता या धन से नहीं, बल्कि ज्ञान, कला, सेवा और समर्पण से आगे बढ़ता है. पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री—तीनों ही अपने अपने स्तर पर राष्ट्र के प्रति उत्कृष्ट सेवा का प्रतीक हैं. इन पुरस्कारों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये केवल प्रसिद्ध लोगों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन गुमनाम नायकों को भी सामने लाते हैं जो चुपचाप समाज को बेहतर बनाने में लगे रहते हैं. यही कारण है कि पद्म पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कृतज्ञता की अभिव्यक्ति हैं.
किन हस्तियों को मिला पद्म अवॉर्ड?
पद्म विभूषण (5)
पद्म भूषण (13)
पद्म श्री (113)
