टोल, बॉर्डर, चेकिंग सब पार कैसे 1700 KM सफर कर मुरादाबाद पहुंची नशे की खेप? ट्रक में लकड़ियों के बीच छिपाया गया

टोल, बॉर्डर, चेकिंग सब पार कैसे 1700 KM सफर कर मुरादाबाद पहुंची नशे की खेप? ट्रक में लकड़ियों के बीच छिपाया गया

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एसटीएफ मेरठ और पाकबड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने दिल्ली हाईवे पर बागड़पुर ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर ओडीशा से आ रहे एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें लकड़ियों के नीचे बेहद चालाकी से छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ. जांच में सामने आया कि ट्रक में कुल 113 क्विंटल गांजा छिपाया गया था.

इस मामले में पुलिस ने तीन तस्करों राकेश, नन्हें और आसिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह का सरगना अभी भी फरार है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ओडिशा से करीब 7 हजार रुपये प्रति किलो की दर से गांजा खरीदते थे और उसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में 10 हजार रुपये प्रति किलो तक बेचते थे. बरामद नशीले पदार्थ की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक आंकी जा रही है.

ट्रक ने कई राज्यों की सीमाएं पार कीं

ओडिशा से मुरादाबाद तक की दूरी लगभग 1700 किलोमीटर है. इस लंबे सफर के दौरान ट्रक ने कई राज्यों की सीमाएं पार कीं, अनेक टोल प्लाजा से गुजरा और रास्ते में ढाबों पर भी रुका, लेकिन कहीं भी जांच में यह खेप पकड़ में नहीं आई. इतनी भारी मात्रा में गांजा लेकर वाहन का उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाना यह अलग-अलग राज्यों की पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी है.

मेरठ एसटीएफ को मिली थी सूचना

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि मेरठ एसटीएफ को सटीक सूचना न मिलती, तो यह पूरा माल बाजार में खप सकता था. लकड़ियों के नीचे छिपाने की तरकीब से तस्करों ने जांच एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश की, लेकिन अंततः उनकी योजना नाकाम रही. अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि यह सिंडिकेट किन-किन राज्यों में सक्रिय है, इसके तार किन लोगों से जुड़े हैं और मास्टरमाइंड कहां छिपा है.

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