पटना: NEET छात्रा की मौत पर बड़ा खुलासा, POCSO एक्ट जुड़ा; 15 के DNA सैंपल जांच के लिए भेजे गए

पटना: NEET छात्रा की मौत पर बड़ा खुलासा, POCSO एक्ट जुड़ा; 15 के DNA सैंपल जांच के लिए भेजे गए

बिहार की राजधानी पटना स्थित चर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. अब इस केस में एक बड़ा मोड़ सामने आया है. सूत्रों के अनुसार, मामले की सुनवाई अब पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत की जाएगी. बताया जा रहा है कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कोर्ट से अनुमति लेने के बाद इस सख्त कानून की धाराएं जोड़ी हैं.
पीड़िता के नाबालिग होने और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसआईटी ने अदालत में आवेदन दिया था, जिसे मंजूरी मिल गई है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है.

सूत्रों के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच से जुड़े एक अहम पहलू पर भी नया अपडेट सामने आया है. पीड़िता के इनरवेयर पर मिले कथित स्पर्म अवशेषों को लेकर कहा जा रहा है कि यह 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के किसी युवक का हो सकता है. हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन एसआईटी अब इसी उम्र समूह के संभावित संदिग्धों की पहचान और जांच पर फोकस कर रही है.

15 लोगों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे गए

इस बहुचर्चित मामले में अब तक लगभग 15 लोगों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं. डीएनए मिलान रिपोर्ट को जांच की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है. एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में पीड़िता के संपर्क में कौन-कौन लोग आए थे.

मामला अब राजनीतिक स्तर पर भी गरमा गया है. पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव इस मुद्दे को संसद तक ले गए. वे संसद परिसर में बैनर और पोस्टर के साथ पहुंचे, जिन पर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लिखी थी. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि जांच के नाम पर बड़ी मछलियों को बचाने की कोशिश न हो और असली दोषियों को सामने लाया जाए.

जहानाबाद की रहने वाली थी पीड़िता

पीड़िता मूल रूप से जहानाबाद की रहने वाली थी और पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी. संदिग्ध परिस्थितियों में वह बेहोश मिली थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद से राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही एसआईटी का गठन किया था. अब पोक्सो एक्ट जुड़ने के बाद जांच और भी संवेदनशील हो गई है. फिलहाल सभी की नजरें एसआईटी की अगली कार्रवाई और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं.

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