
Mysuru-Bengaluru Highway : अगर आप मैसूर-बेंगलुरु हाईवे पर गाड़ी चलाते हैं, तो टोल प्लाजा पर लंबा इंतजार जल्द ही पुरानी बात हो सकती है. जून से आने-जाने वाले लोग तेज और आसान सफर की उम्मीद कर सकते हैं. इस नेशनल हाईवे 275 पर एक नया बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू हो रहा है. एक्सेस-कंट्रोल्ड मैसूर-बेंगलुरु नेशनल हाईवे-275 पर ट्रैफिक फ्लो को आसान बनाने और मौजूदा टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू करना शुरू कर दिया है.
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मिलिंद वाबले ने बताया कि इसे लागू करने का प्रोसेस शुरू हो गया है और इस साल जून तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है. हजारों गाड़ियां हर दिन हाईवे का इस्तेमाल करती हैं और वीकेंड और लंबी छुट्टियों के दौरान इस रास्ते पर बने तीन टोल प्लाजा पर अक्सर दो किलोमीटर से अधिक लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है.
क्या होगा बड़ा बदलाव?
मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम के तहत पुराने टोल बूथों की जगह सैटेलाइट-बेस्ड GPS टेक्नोलॉजी, हाई-परफॉर्मेंस RFID FASTag रीडर और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों से लैस ओवरहेड गैंट्री लगाई जाएंगी.
बिना रुकावट वाला टोल कलेक्शन सिस्टम
नया सिस्टम गाड़ियों को अपने आप पहचान लेगा और गाड़ियों को बिना रोके तेज स्पीड से टोल चार्ज काट लेगा. इससे टोल प्लाजा पर लंबी लाइनें खत्म हो जाएंगी. वाबाले ने कहा कि मैसूर-बेंगलुरु हाईवे के लिए प्रस्तावित सिस्टम गुजरात में NH-48 पर चोर्यासी फी प्लाजा पर सफलतापूर्वक लागू किए गए MLFF टोलिंग मॉडल पर बेस्ड है. ये एक बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम है. हाई-परफॉर्मेंस RFID रीडर और ANPR कैमरों का इस्तेमाल करके FASTag रीडिंग और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर की पहचान के जरिए ट्रांजैक्शन किए जाते हैं. अब गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी.
अपने आप कट जायेगा टोल
नए सिस्टम के तहत पारंपरिक टोल बूथ की जगह ओवरहेड गैन्ट्री लगाई जाएंगी. इसमें GPS-बेस्ड टेक्नोलॉजी, हाई-परफॉर्मेंस RFID FASTag रीडर और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगे होंगे. टोल चुकाने के लिए अब गाड़ियों को धीमा होने या रुकने की जरूरत नहीं होगी. इसमें सामान्य स्पीड से गुजरते समय ही चार्ज अपने आप कट जाएगा.
नई तकनीक से लैस से नया सिस्टम
वाबाले ने कहा कि यह प्रोजेक्ट इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा लागू किया जा रहा है. MLFF गैन्ट्री मौजूदा टोल प्लाजा से पहले लगाई जाएंगी. इससे गाड़ियां बूथ से गुजरे बिना सीधे FASTag अकाउंट से टोल की रकम कट जाएगी. इस सिस्टम ने 95 प्रतिशत की एफिशिएंसी रेट दिखाई है. हर लेन में दो ANPR कैमरे, दो हाई-डेफिनिशन स्पीड रीडर और ऊपर लगी गैन्ट्री पर GPS ट्रैकर लगे होंगे. ये डिवाइस मिलकर गाड़ियों की पहचान करेंगे और बैकएंड सिस्टम के जरिए रियल टाइम में टोल पेमेंट प्रोसेस करेंगे.
