
Child Obesity: दुनिया भर में पहली बार बच्चे दुबलेपन से नहीं बल्कि मोटापे की समस्या से जुझ रहे हैं. WHO की नई रिपोर्ट्स के अनुसार 188 मिलियन बच्चे (एडोलसेंस) मोटापे का शिकार है. अल्ट्रा प्रोसेस्ड जंक फूड बच्चों की सेहत और विकास के लिए खतरनाक है. जो कि चिंता का विषय है. जंक फूड्स ने अब फल, सब्जियों और प्रोटीन की जगह ले ली है. बच्चों के लिए विकास शारीरिक और मानसिक विकास के लिए हेल्दी डाइट लेना बेहद जरूरी है.
मोटापे का शिकार हो रहे हैं बच्चे
दुनिया में लगभग 188 मिलियन बच्चे मोटापे का शिकार है जिसका अर्थ है कि हर 10 में एक बच्चा मोटापे से परेशान है. WHO के अनुसार 5 से 19 साल के बच्चे ओवरवेट हैं. 188 मिलियन बच्चों में डायबिटीज, हार्ट डिजीज का रिस्क अधिक हो सकता है.
UN ने किया अलर्ट
UN ने भी बच्चों में बढ़ते मोटापे को लेकर अलर्ट किया है. आज के समय में अधिकतर बच्चे प्रोसेस्ड फूड, हाई शुगर, सॉल्ट और फैट का सेवन करते हैं. इसके अलावा टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा समय बिताते हैं. बच्चों की ये लाइफस्टाइल और गलत खानपान कम उम्र में उन्हें मोटापे का शिकार बना रहा है.
सरका से अपील
स्कूल से लेकर बाजार जंक फूड्स से भरे पड़े हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इनकी मार्केटिंग बच्चों को टारगेट करती है. WHO ने सरकारों से अपील की है वह जंक फूड पर लेबलिंग और टैक्स लगाएं. इसके अलावा स्कूल में जंक फूड्स की ब्रिकी और विज्ञापन पर ब्रेक लगाएं.
मोटापे से बच्चों को हो सकती है ये बीमारी
मोटापे की वजह से बच्चों में हार्ट डिजीज, डायबिटीज और कैंसर का रिस्क बढ़ा सकता है. बच्चों को हेल्दी और फिट रखने के लिए उनकी डाइट में हेल्दी फूड्स शामिल करें. इसके अलावा बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ाएं. बच्चों को वर्कआउट या फिर योग कराएं. इसके अलावा बच्चों को स्पोर्ट्स के लिए प्रति जागरूक करें.
