बजट में दिखा ‘चुनावी तड़का’! निर्मला सीतारमण ने की बंगाल से केरल तक प्रोजेक्ट्स की बौछार

बजट में दिखा ‘चुनावी तड़का’! निर्मला सीतारमण ने की बंगाल से केरल तक प्रोजेक्ट्स की बौछार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट 2026 पेश किया. बजट 2025 में बिहार पर विशेष ध्यान दिया गया था क्योंकि राज्य में 2025 में चुनाव होने थे. इसी तरह, 2021 के बजट में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी पर केंद्रित घोषणाएं शामिल थीं.

इस बार भी, बजट में इन चुनावी राज्यों पर फोकस किया गया है. जहां इस साल अप्रैल में मतदान होना है. कपड़ा क्षेत्र, सड़क, रेल इंफ्रा और रेयर अर्थ मेटल्स की माइनिंग से संबंधित घोषणाएं की गई है. वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री सीतारमण के भाषण में इन राज्यों को टारगेट करते हुए टूरिज्म और तीर्थयात्रा प्रोग्राम्स से संबंधित भी कई तरह के ऐलान हुए हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर चुनावी राज्यों को बजट से क्या क्या मिला है?

पश्चिम बंगाल

  • पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में डंकुनी से पश्चिम में सूरत तक एक नया डेडीके​टेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा.
  • पूर्वोदय राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों का निर्माण किया जाएगा और 4,000 ई-बसों की व्यवस्था की जाएगी.
  • दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ एक इंटीग्रेटिड ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रीयल कोरिडॉर विकसित किया जाएगा.

तमिलनाडु

  • मिनरल-समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को महत्वपूर्ण मिनरल फैसिलिटीज की स्थापना में सहायता प्रदान की जाएगी.
  • शहरों के बीच विकास को जोड़ने वाले सात हाई-स्पीड रेल कोरिडॉर विकसित किए जाएंगे, जिसमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी शामिल हैं.
  • पुलिकट झील पर और तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की सीमावर्ती क्षेत्रों में पक्षी अवलोकन के लिए मार्ग विकसित किए जाएंगे.
  • उन्होंने तमिलनाडु के मंदिर नगर सहित दूसरे और तीसरे टियर के शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रुपए के खर्च की घोषणा की.

केरल और असम

  • वित्त मंत्री ने खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को महत्वपूर्ण खनिज सुविधाओं की स्थापना में सहायता देने का प्रस्ताव रखा है.
  • कछुओं के प्रमुख घोंसला बनाने वाले स्थलों के साथ-साथ उनके लिए मार्ग भी विकसित किए जाएंगे.
  • अगले पांच वर्षों में दूसरे और तीसरे टियर के शहरों, जिनमें मंदिर नगर असम भी शामिल है, में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 20,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है.

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