बिहार में यहां मां सीता ने दी थी अग्नि परीक्षा, कुंड से आज भी निकलता है गर्म पानी; एक महीने तक लगता है मेला

बिहार में यहां मां सीता ने दी थी अग्नि परीक्षा, कुंड से आज भी निकलता है गर्म पानी; एक महीने तक लगता है मेला

बिहार के मुंगेर जिले में स्थित सीताकुंड मंदिर पूरे देशभर में काफी प्रसिद्ध है. यह आस्था और रहस्य का एक अनोखा संगम है. इस मंदिर को सीताकुंड के अलावा रामतीर्थ के नाम से भी जाना जाता है. सीताकुंड से एक बहुत ही रौचक धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है. मान्यता के अनुसार, इसी स्थान पर सीता मां ने अग्नि परीक्षा देकर अपनी पवत्रिता सिद्ध की थी. कहा जाता है कि इसके बाद धरती से गर्म कुंड प्रकट हुआ था, जिसका पानी आज तक गर्म है.

सीताकुंड मंदिर मुंगेर जिला मुख्यालय से पूर्व में 8 किलोमीटर दूर नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत में स्थित है. सीताकुंड की सबसे खास बात यह है कि यहां का जल पूरे साल भर गर्म रहता है. सर्दी के मौसम इस पर कोई असर नहीं होता है. मंदिर परिसर में सीताकुंड के अलावा, चार और कुंड बने हुए हैं, लेकिन पानी या तो सामान्य या फिर ठंड रहता है. इस कुंडों के नाम भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के नाम पर है.

माघ महीने में लगता ‘सीताकुंड मेला’

सीताकुंड में स्नान करने के देश के अलग-अलग कोनों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. वैसे तो साल भर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना बना ही रहता है, लेकिन माघ महीने में भव्य माघी मेले का आयोजन इस स्थान पर किया जाता है. साल 2026 में इस मेले की शुरुआत 1 फरवरी से हुई है, जो कि एक महीने तक चलता है. पहली बार इसे राजकीय मेले का दर्जा भी मिला है. मेले के दौरान बड़ी संख्या में राजकीय श्रद्धालु सीताकुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं.

गर्म पानी का अब तक नहीं सुलझा रहस्य

कुंड का गर्म पानी श्रद्धालुओं और वैज्ञानिकों के लिए आज तक रहस्य बना हुआ है. अब तक कोई भी इस रहस्य को सुलझा नहीं पाया है. अभी भी समय-समय पर वैज्ञानिक और शोधकर्ता अध्ययन के लिए मुंगेर जिले के सीताकुंड में पहुंचते हैं. इतिहासकारों के अनुसार, इस कुंड का लंबाई और चौड़ाई करीब 20 फीट है, जबकि इसकी गहराई 12 फीट मानी जाती है.

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