
UP Bullet Train: केंद्रीय बजट 2026 में दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा के साथ यूपी में कनेक्टिविटी की नई उम्मीद जगी है. इस रूट पर ट्रेनें 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी. दिल्ली से लखनऊ महज दो घंटे और वाराणसी तीन घंटे में पहुंचा जा सकेगा, जिससे यात्रा समय आधे से भी कम रह जाएगा.
यात्रा समय में ऐतिहासिक कमी
दिल्ली से वाराणसी का मौजूदा सफर 8–10 घंटे लेता है, जो बुलेट ट्रेन से लगभग तीन घंटे में सिमट सकता है. लखनऊ से वाराणसी की दूरी लगभग एक घंटे में तय होने की उम्मीद है. तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा अनुभव से रेल परिवहन की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है.
यूपी की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव
यह हाईस्पीड रेल नेटवर्क यूपी के बड़े शहरों को राष्ट्रीय राजधानी से मजबूत तरीके से जोड़ेगा. एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल हब और धार्मिक स्थलों के बीच सीधी कनेक्टिविटी से राज्य की सामाजिक और आर्थिक संरचना में बड़ा बदलाव आएगा. बुलेट ट्रेन यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का नया प्रतीक बन सकती है.
धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा
मथुरा, अयोध्या और वाराणसी जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी. श्रद्धालु और पर्यटक कम समय में यात्रा कर सकेंगे. इससे होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा. पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था वाले शहरों में नई संभावनाएं और रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
आर्थिक विकास का नया अध्याय
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के किनारे नए इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे. इससे यूपी केवल एक राज्य नहीं बल्कि एक मजबूत ‘इकोनॉमिक नोड’ बन सकता है. तेज कनेक्टिविटी से निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. बड़े शहरों के बीच दूरी घटने से कारोबारी गतिविधियों को नई गति मिलेगी.
आगरा और कानपुर में अहम स्टॉपेज
आगरा पर्यटन और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र होने के कारण प्रमुख स्टेशन होगा. दिल्ली से आगरा की दूरी 45–60 मिनट में तय होने की उम्मीद है. कानपुर में आउटर स्टेशन प्रस्तावित है, संभवतः उन्नाव या मगरवारा के पास, ताकि भूमि अधिग्रहण कम हो और शहर को सीधी हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिल सके.
संभावित रूट और प्रमुख स्टेशन
प्रस्तावित रूट दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नोएडा सेक्टर-148, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर (आउटर), लखनऊ, प्रयागराज, भदोही होते हुए वाराणसी तक जाएगा. लखनऊ से अयोध्या के लिए 135 किमी लंबी स्पर लाइन भी प्रस्तावित है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
