
Amitabh Bachchan Childhood Photo Viral: सोशल मीडिया पर सामने आई एक दुर्लभ और भावनात्मक तस्वीर ने बच्चन परिवार के शुरुआती दिनों की यादें ताजा कर दी हैं। इस तस्वीर में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपने छोटे भाई अजिताभ बच्चन के साथ बचपन के दिनों में अपने पिता, प्रख्यात कवि हरिवंश राय बच्चन के सान्निध्य में नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर इलाहाबाद स्थित बच्चन परिवार के ऐतिहासिक घर, 17 क्लाइव रोड, में खींची गई थी, जो उस दौर की सादगी और आत्मीयता को खूबसूरती से दर्शाती है।
हरिवंश राय बच्चन संग बिग बी ने शेयर की बचपन की प्यारी तस्वीर
तस्वीर में दाईं ओर खड़े न सिर्फ एक पिता के रूप में, बल्कि हिंदी साहित्य के स्तंभ के रूप में भी दिखाई देते हैं। उनकी रचनाएं आज भी साहित्य प्रेमियों के दिलों में जीवित हैं। वे प्रसिद्ध कवि फ़िराक़ गोरखपुरी के करीबी मित्र भी थे और साहित्यिक विमर्श से भरा उनका घर बौद्धिक ऊर्जा का केंद्र हुआ करता था। इसी वातावरण में अमिताभ और अजिताभ का पालन-पोषण हुआ, जिसने उनके व्यक्तित्व और सोच को गहराई दी।
यह तस्वीर उस समय की है, जब किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि यही छोटा सा बच्चा आगे चलकर भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सितारा बनेगा। यह एक शांत, निजी और भावनात्मक क्षण है, जो बच्चन परिवार के जीवन के उस अध्याय को दर्शाता है, जहां प्रसिद्धि से पहले रिश्तों की सादगी और संस्कारों की मजबूती थी।
T 5651 – ” वो किसे दोषी ठहराये, और किसको दुख सुनाये, जब कि मिट्टी साथ मिट्टी के करे अन्याय ”
~ पूज्य बाबूजी— Amitabh Bachchan (@SrBachchan)
पोस्ट में लिखा खास कैप्शन
ने इस तस्वीर को साझा करते हुए अपने पिता की पंक्तियों का भी उल्लेख किया, जो उनके विचारों और जीवन दर्शन को दर्शाती हैं। उन्होंने अपने एक्स पर किए पोस्ट में लिखा कि ”T 5651- वो किसे दोषी ठहराये, और किसको दुख सुनाये, जब कि मिट्टी साथ मिट्टी के करे अन्याय…पूज्य बाबूजी। ”इसके साथ उन्होंने यह भी जोड़ा कि ”तुम तूफान समझ पाओगे…बाबूजी।” वहीं फैंस भी उनकी पंक्तियों से भावुक हो गए।
आपको बता दें कि ये शब्द न केवल हरिवंश राय बच्चन की गहरी सोच को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि कैसे उनके विचारों ने अमिताभ बच्चन के जीवन और संघर्षों को दिशा दी। यह तस्वीर सिर्फ एक याद नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत का अनमोल हिस्सा है, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो उठता है।
