‘तो सीधा मान लो कि ब्राह्मण होना ही पाप है…’, HDFC कर्मचारी आस्था से उलझने वाले ऋषि का छलका दर्द, CCTV चेक करने की कही बात

'तो सीधा मान लो कि ब्राह्मण होना ही पाप है...', HDFC कर्मचारी आस्था से उलझने वाले ऋषि का छलका दर्द, CCTV चेक करने की कही बात

आस्था सिंह, ऋषि त्रिपाठी और ऋतु त्रिपाठी.

मैं बेइज्जती भी सहूं और मानहानि का केस भी? तब तो सीधा यही मान लिया जाए कि ब्राह्मण होना ही पाप है… यह शब्द उन्ही ऋषि मिश्रा के हैं, जिनकी पत्नी ऋतु त्रिपाठी ने HDFC बैंक की पनकी शाखा से प्रताड़ना का आरोप लगाकर इस्तीफा दे दिया है. सोशल मीडिया पर ठाकुर होने की धौंस दिखाने वाली आस्था सिंह के वीडियो के बाद अब ऋषि मिश्रा ने सुरक्षा और सम्मान को लेकर गुहार लगाई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऋतु त्रिपाठी ने खुलासा किया है कि जब से आस्था सिंह ने उन पर और उनके पति पर आरोप लगाए हैं, तब से ऋषि मिश्रा को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. ऋतु का कहना है- आस्था सिंह जो बोल रही हैं वह झूठ है, बैंक के CCTV में सब कैद है. अगर मेरे पति को कुछ भी हुआ, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी आस्था सिंह की होगी. ऋतु ने इस संबंध में जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है.

‘मेरा ब्राह्मण होना ही गुनाह है’

अपनी पत्नी और बहन के साथ हुई अभद्रता के बाद बैंक पहुंचे ऋषि मिश्रा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इसलिए दबाया जा रहा है क्योंकि वह ब्राह्मण हैं. ऋषि का कहना है कि उन्होंने कोई वीडियो वायरल नहीं किया. अगर उन्हें ऐसा करना होता तो वो 7 जनवरी को ही कर देते. ऋषि के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज देखने पर साफ हो जाएगा कि पहले बदतमीजी किसने की थी.

इस्तीफे के पीछे का टॉर्चर और मैनेजर का रवैया

ऋतु त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने 6 नवंबर 2024 को बैंक जॉइन किया था, लेकिन वहां का माहौल दम घोंटने वाला था. ऋतु ने बैंक को बताया था कि उनकी छोटी बेटी है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रात 11-11 बजे तक रोका जाता था. ऋतु का आरोप है कि ब्रांच मैनेजर सुमित सिंह उन्हें केबिन में बुलाते थे और ड्रॉप करने की बात कहते थे. जब ऋतु ने मना किया, तो उन्हें इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया. इसी मानसिक तनाव के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी.

क्या था आस्था सिंह का दावा?

दूसरी ओर, रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने सफाई दी है कि विवाद तब बढ़ा जब ऋषि मिश्रा ने उनकी जाति पूछी और अभद्रता की. आस्था का कहना है कि उन्हें अपने ‘ठाकुर’ होने पर गर्व है और उन्होंने केवल अपनी गरिमा की रक्षा में जवाब दिया था.

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