
India vs China SWAT Challenge Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यूएई में हुए SWAT चैलेंज में चीन की महिला SWAT टीम ने भारत की पुरुष टीम को सीधे मुकाबले में हरा दिया। कुछ चीनी और पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और इसे भारत के खिलाफ प्रचार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
असल में यह वीडियो एडिट किया हुआ है। इसमें अलग-अलग दिनों और अलग-अलग कैटेगरी के इवेंट्स के क्लिप्स को जोड़कर ऐसा दिखाया गया है जैसे चीन और भारत की टीमों के बीच सीधा मुकाबला हुआ हो। आधिकारिक रिकॉर्ड में भारत की पुरुष टीम और चीन की महिला टीम के बीच किसी भी तरह का आमने-सामने मुकाबला दर्ज नहीं है।
Impressive! 🇨🇳Chinese female SWAT teams triumph in UAE SWAT challenge debut, and defeats all-male🇮🇳 team in the SWAT competition.
— Shen Shiwei 沈诗伟 (@shen_shiwei)
दुबई में हुआ था SWAT चैलेंज
7 फरवरी से 11 फरवरी तक दुबई के अल रुवैया ट्रेनिंग सिटी में आयोजित किया गया। इस प्रतियोगिता में 52 देशों की 118 एलीट SWAT और स्पेशल फोर्स टीमें शामिल हुईं। यह इवेंट अलग-अलग तरह के टैक्टिकल और फिजिकल चैलेंज के जरिए टीमों की ऑपरेशनल तैयारी, स्पीड, तालमेल और सटीकता को परखने के लिए बनाया गया है।
वायरल वीडियो में एक टैक्टिकल इवेंट की शुरुआत दिखाई गई है, जिसमें चीनी महिला टीम तेज शुरुआत करती नजर आती है। इसमें बाधाओं को पार करना, संकरे रास्तों से गुजरना और लाइव फायर शूटिंग ड्रिल जैसे कठिन टास्क शामिल हैं। वीडियो में भारतीय पुरुष टीम को कुछ जगहों पर धीमा दिखाया गया है, जिससे ऐसा लगता है कि वे पीछे रह गए।
Chinese girls vs American bois
— Modraaaaa (@nmamtbh)
एडिटेड वीडियो वायरल कर फैला रहे भ्रम
लेकिन सच्चाई यह है कि ये दृश्य अलग-अलग टीमों और अलग-अलग समय के हैं। इन्हें इस तरह जोड़ा गया है कि देखने वालों को लगे कि दोनों टीमों के बीच सीधा मुकाबला चल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वीडियो के साथ एक कम्युनिटी नोट भी जोड़ा गया है, जिसमें साफ कहा गया है कि यह दावा भ्रामक है और को गलत तरीके से निशाना बनाने के लिए फैलाया जा रहा है। कुल मिलाकर, भारत और चीन की इन टीमों के बीच कोई सीधा मुकाबला नहीं हुआ था। वीडियो को सोच-समझकर एडिट किया गया है ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके और भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
