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मथुरा-वृंदावन में साल भर भक्तों की अच्छी खासी तादाद देखने को मिलती है। लेकिन जब होली का त्यौहार आने वाला होता है, तब यहां पर भीड़ बढ़ जाती है। होली के दिन मथुरा और वृंदावन में अलग ही वाइब महसूस होती है। अगर आप भी होली के त्यौहार को खास तरीके से मनाना चाहते हैं, तो इस साल होली पर अपने दोस्तों के साथ या फिर अपने परिवार के सदस्यों के साथ या फिर अकेले मथुरा और वृंदावन को एक्सप्लोर करने का प्लान बना सकते हैं।
कहां मनाएं होली- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मथुरा-वृंदावन में ब्रज की होली काफी ज्यादा पॉपुलर है। अगर आपने अभी तक बरसाना और नंदगांव की लठमार होली नहीं देखी है, तो इस बार मथुरा-वृंदावन जाने का प्लान जरूर बनाएं। मथुरा-वृंदावन की होली इतनी ज्यादा पॉपुलर है, कि लोग होली के दिन से कई दिनों पहले ही मथुरा और वृंदावन पहुंच जाते हैं। मथुरा में द्वारकाधीश मंदिर में भी होली के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
मनाएं फूलों की होली- आपने रंगों की होली तो खेली होगी, लेकिन क्या आपने कभी फूलों की होली का अनुभव लिया है? अगर नहीं, तो आप बांके बिहारी मंदिर में होली का त्यौहार मनाने के लिए जा सकते हैं। इसके अलावा बरसाना के राधा रानी मंदिर में भी होली के त्यौहार को बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोकुल की छड़ीमार होली भी काफी ज्यादा प्रसिद्ध है।
गौर करने वाली बात- अगर आप होली के आसपास के दिनों में मथुरा और वृंदावन जाने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले से ही सारी बुकिंग और प्लानिंग कर लेने में ही समझदारी है। दरअसल, होली के दौरान कृष्ण नगरी में काफी ज्यादा भीड़ रहती है। आपको बता दें कि वृंदावन में होली बसंत पंचमी से शुरू होकर करीब 40 दिनों तक चलती है यानी होली का जश्न फरवरी से शुरू होकर मार्च तक चलता है।
