इस असफलता के बीच सबसे ज्यादा चर्चा अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को एक भी मैच में मौका न देने को लेकर हो रही है। टूर्नामेंट के बीच टीम से जुड़ने के बावजूद स्मिथ बेंच पर ही बैठे रहे, जिससे फैंस और पूर्व खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और टीम कॉम्बिनेशन पर सवाल उठाए।
सिलेक्टर ने दी सफाई, ‘कवर प्लेयर’ थे Steve Smith
ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता टोनी डोडेमाइड ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्टीव स्मिथ (Steve Smith) को शुरुआत से ही कवर प्लेयर के रूप में टीम में शामिल किया गया था। उनका मुख्य रोल ओपनिंग स्लॉट के बैकअप के तौर पर था, खासकर तब जब कप्तान मिचेल मार्श ग्रोइन इंजरी के कारण शुरुआती मैचों से बाहर थे।
डोडेमाइड के मुताबिक, बाद में तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड के चोटिल होने पर स्मिथ को आधिकारिक रिप्लेसमेंट के रूप में जोड़ा गया, लेकिन तीसरे मैच में मार्श और ट्रैविस हेड की जोड़ी के शानदार प्रदर्शन के बाद टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव की जरूरत महसूस नहीं हुई।
दिग्गजों ने चयन नीति पर उठाए सवाल
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क वॉ ने स्मिथ (Steve Smith) को मौका न देने को ‘अपमानजनक’ बताया। वहीं मैथ्यू हेडन और ग्लेन मैक्ग्रा जैसे दिग्गजों ने भी चयन नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े टूर्नामेंट में अनुभव को नजरअंदाज करना टीम के लिए भारी पड़ा।
शानदार फॉर्म के बावजूद नहीं मिला मौका
स्मिथ (Steve Smith) का हालिया प्रदर्शन भी उनके पक्ष में था। बिग बैश लीग 2025-26 में उन्होंने 299 रन बनाए, जिसमें एक शतक भी शामिल था। इसके बावजूद उन्हें सीमित भूमिका में रखना फैंस और विशेषज्ञों को समझ नहीं आया।
