जयमाला से पहले बेहोश हुई दुल्हन… बारात लेकर लौटा दूल्हा; पलभर में टूट गया भोजपुर की बेटी का सपना

जयमाला से पहले बेहोश हुई दुल्हन… बारात लेकर लौटा दूल्हा; पलभर में टूट गया भोजपुर की बेटी का सपना

हाथों में पिया के नाम की मेहंदी और आंखों में सुहाग की चमक लिए जिस दुल्हन को अपने जीवन की नई शुरुआत करनी थी. वह आज सदर अस्पताल में टूटे सपनों और बिखरे अरमानों के साथ एडमिट है. जयमाला के मंच तक पहुंचने से पहले ही वह अचानक थकावट के कारण बेहोश हो गई. इस एक पल ने उसकी पूरी जिंदगी का रुख बदल दिया. होश में आने वह उस समय सदमे में आ गई, जब उसे पता चला कि दूल्हे और बारातियों ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया है.

अस्पताल के बेड पर लेटी युवती अब सिर्फ एक ही बात दोहरा रही है कि ‘हमार जिंदगी बर्बाद हो गईल, अब हम कहा जाई, अब जी कर हम का करब…’ उसकी आंखों से बहते आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. मानों हर बूंद उसके टूटे सपनों की कहानी कह रही हो. हाथों की मेहंदी अभी सूखी भी नहीं थी कि रिश्तों की डोर ही टूट गई. परिजनों के दिल पर भी दुख का पहाड़ टूट पड़ा है. शादी की खुशियों वाली घर में मातमी सन्नाटा परस गया है.

रिसॉर्ट में होनी थी शादी

दरअसल, भोजपुर जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत छोटकी सनदिया गांव निवासी सुरेंद्र शर्मा ने अपनी छोटी बेटी रानी कुमारी की शादी उदवंतनगर प्रखंड के छोटा सासाराम गांव निवासी जय प्रकाश शर्मा से तय की थी. दुल्हा जय प्रकाश बैंगलोर में प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है. रानी का तिलक कार्यक्रम 14 फरवरी, हल्दी 19 फरवरी और शादी 20 फरवरी को होनी थी. सभी वैवाहिक कार्यक्रम रानी के घर छोटकी सनदिया से हुए ,जबकि शादी लड़के के परिवार की रजामंदी से छोटा सासाराम गांव के ही एक निजी रिसॉर्ट से होना था.

इकलौती बेटी की शादी टूटी

सुरेंद्र शर्मा के दो बेटे सिंटू शर्मा एवं रितेश शर्मा और रानी इकलौती बेटी है. सुरेंद्र पेशे से एक छोटे व्यवसायी है. उनका एक छोटी सी हार्डवेयर का दुकान है. उन्होंने अपने होने वाले दामाद को एक बाइक, बेड, बर्तन, कपड़े समेत अन्य जरूरत का सामान दिया था. दुल्हन के पिता सुरेंद्र ने बताया कि कभी भी मेरी बेटी की तबियत खराब नहीं होती थी. शादी के दिन जयमाल स्टेज पर जाने से ठीक पहले वह अचानक रोने और चिल्लाने लगी.

‘पहले बेटी का इलाज कराओ’

सभी लड़की को संभालने लगे. वह जयमाल स्टेज पर चढ़ नहीं पाई. दूल्हा स्टेज पर दुल्हन के हाथ पकड़कर ऊपर ला ही रहा था कि बेटी बेहोश हो गई. इसके बाद हम लोग उसे होटल के दूसरे कमरे में लेकर चले गए. पिता ने बताया कि शादी कई रस्में पूरी कर ली गई थी. दुल्हन के बेहोश होते ही बारात वापस लौट गई. बाद में उन्होंने शादी में दी गई बाइक भी लौट दी. इस दौरान लड़के के परिवार वालों ने कहा कि आपकी बेटी पहले से बीमार है. पहले उसका इलाज कराई, अगर सब ठीक रहता है तो देखा जाएगा , लेकिन अभी शादी नहीं होगी.

मातम में बदला माहौल

पिता ने कहा कि शादी में लाखों रुपये खर्च हुए है. घर में रिश्तेदार आए हुए है. बावजूद उसके लड़के वालों ने एक भी बात नहीं मानी. देखते ही देखते ही शादी की खुशियों का माहौल मातम में तब्दील हो गया.दुल्हन की मां बसंती देवी ने बताया कि बेटी बाजार से लेकर घर का सारा काम करती थी. भागदौड़ में अच्छे से खाना तक नहीं खाती थी. कभी इस तरह से रानी बेहोश नहीं हुई थी. शादी के भागदौड़ में थकावट के कारण स्टेज पर जाने से पहले ही बेहोश हो गई.

हम लोगों ने लड़के के परिवार वालों से वक्त तक मांगा था कि बेटी को अस्पताल से दिखवाकर लाते है, लेकिन दूल्हा एवं उसका परिवार वाले नहीं माने और वो शादी किए बिना चले गए. जब हम लोग बेटी को अस्पताल से ठीक होने के बाद वापस लेकर पहुंचे तो देखा कि सभी बाराती लोग चले गए है. सदर अस्पताल में दुल्हन का इलाज करने वाले डॉक्टर आरएन यादव ने बताया कि शुक्रवार की देर रात लड़की को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया था.

‘सब कुछ नॉर्मल था’

परिवार वालों की ओर से बताया गया कि बार-बार बेहोश हो रही है. हमने पहले ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन जांच कराई, सब कुछ नॉर्मल था. कमजोरी के कारण लड़की को चक्कर आ रहा था. लड़की का इमरजेंसी वार्ड में प्राथमिक उपचार किया और उसे वार्ड में भर्ती कर ऑब्जर्वेशन में रखा है.

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