
Image Source : FREEPIK/
जॉन्डिस को मामूली समझकर झाड़-फूंक और टोना-टोटका अपनाने वाले कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल पहुंच चुके हैं और हैरानी की बात ये है कि ये मामले गांवों से नहीं, बड़े शहरों से सामने आ रहे हैं। जरा सी लापरवाही लिवर पर भारी पड़ सकती है, क्योंकि जॉन्डिस सीधा जिगर पर हमला करता है। पहले से फैटी लिवर, सिरोसिस, फाइब्रोसिस या कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे के बीच ये स्थिति लिवर फेलियर तक पहुंचा सकती है। भारत में फैटी लिवर तेजी से बढ़ती हेल्थ इमरजेंसी बन चुका है और ये सिर्फ मोटापे से जुड़ी बीमारी नहीं, दुबले लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में सही जानकारी और सही इलाज बेहद ज़रूरी है। योगगुरु बाबा रामदेव से जानिए जॉन्डिस और लिवर की बीमारियों से बचाव और उपचार के कारगर उपाय।
फैटी लिवर क्या है वजह?
अनहेल्दी लाइफस्टाइल, एल्कोहल और स्मोकिंग की आदत, दवाइयों का ज्यादा सेवन, वायरल इंफेक्शन और Hepatitis C जैसी स्थितियां फैटी लिवर का मुख्य कारण बन सकती हैं, जबकि इसके लक्षणों में पीला यूरिन, ज्यादा थकान, पेट दर्द, पीली आंखें-स्किन और भूख न लगना शामिल हैं। लिवर की बीमारियों में फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस, लिवर कैंसर, हेपेटाइटिस और जॉन्डिस जैसी गंभीर समस्याएं शामिल हैं, जो समय पर इलाज न मिलने पर सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
खानपान का खास ध्यान
पीलिया यानी जॉन्डिस तब होता है जब शरीर में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है और त्वचा व आंखें पीली दिखने लगती हैं। इस दौरान लिवर कमजोर होता है, इसलिए खानपान का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सही डाइट से रिकवरी तेज होती है और कमजोरी भी कम लगती है। जॉन्डिस में ताज़ा और हल्का खाना थोड़ा-थोड़ा खाएं, खूब पानी और ताजे फलों का जूस पिएं, जबकि तला-भुना, बाहर का खाना, दाल-बींस, अचार, चाय-कॉफी और अल्कोहल से परहेज करें।
जॉन्डिस होगा दूर – आयुर्वेदिक नुस्खा
जॉन्डिस में अरंडी के पत्ते और श्योनाक की छाल का ताजा रस 3–7 दिन तक लेने से लाभ मिल सकता है, जबकि लिवर मजबूत करने के लिए धनिया, सौंफ, अजवाइन, मेथी और जीरा रातभर भिगोकर सुबह छानकर उसका पानी पीना फायदेमंद माना जाता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Satya Report किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
