
आज के समय में इंसान की अधिकतम उम्र करीब 100 साल मानी जाती है, जबकि औसत आयु लगभग 72 साल है. बहुत कम लोग ही 100 साल तक पहुंच पाते हैं. लेकिन नई रिसर्च एक बिल्कुल अलग भविष्य की ओर इशारा कर रही है. दावा किया जा रहा है कि आने वाले वर्षों में इंसान 150 साल तक जी सकेगा, और यह संभव होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से. यह सुनने में अविश्वसनीय लगता है, लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि AI उम्र बढ़ाने की दिशा में बड़ी भूमिका निभा सकती है. सवाल है- AI ऐसा कैसे कर पाएगी? जवाब वैज्ञानिकों ने दिया है.
शरीर बूढ़ा क्यों होता है? वैज्ञानिकों की नई खोज
Data Society की रिपोर्ट के अनुसार, हमारा शरीर इसलिए बूढ़ा होता है क्योंकि हमारी कोशिकाओं (cells) का DNA समय के साथ खराब होने लगता है. जब शरीर के पास भरपूर खाना, पानी और आराम रहता है, तो यह नई कोशिकाएँ बनाने में ज्यादा समय लगाता है और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत पर ध्यान नहीं देता. Harvard University के वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक खोजी है, जिसमें शरीर को हल्का सा “शॉक” दिया जाता है. इस झटके से कोशिकाएँ खुद को तेजी से रिपेयर करने लगती हैं. इस तकनीक के लिए एक नई दवा भी बनाई जा रही है, जो इस समय ट्रायल में है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह तरीका सफल हो गया तो इंसानी DNA को पहले से ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाया जा सकता है.
DNA रिसर्च में AI कैसे कर रहा है चमत्कार?
पहले DNA में बदलाव के लिए CRISPR नाम की तकनीक इस्तेमाल की जाती थी. लेकिन CRISPR सिर्फ एक समय की एक तस्वीर दिखाती थी- यानी DNA उस पल कैसा है. हकीकत में जीन का व्यवहार हर पल बदलता रहता है. यह डाइट, स्ट्रेस, मौसम, बीमारी और कई अन्य चीज़ों से प्रभावित होता है. यहां AI पूरी तस्वीर बदल रही है. AI लगातार जीन की गतिविधि को ट्रैक करता है और यह बताता है कि शरीर को किस समय कौन-सी दवा, कौन-सा ट्रीटमेंट या कौन सा बदलाव चाहिए. यानी इलाज हर व्यक्ति के हिसाब से बिल्कुल सटीक और व्यक्तिगत हो जाता है. इससे साइड इफेक्ट भी बेहद कम होते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में 60-70 साल की उम्र वाले लोग उसी तरह सोच पाएंगे और काम कर पाएंगे जैसे आज 20-25 साल के युवा करते हैं. उनकी याददाश्त, मानसिक क्षमता और शरीर की ऊर्जा लगभग समान रहेगी.
100-120 की उम्र में भी लोग रहेंगे जवान
Data Society के सह-संस्थापक दिमित्री एडलर का कहना है कि AI इंसानों को ‘सुपरहीरो’ तो नहीं बनाएगी, लेकिन उनके शरीर और दिमाग को पहले से काफी ज्यादा मजबूत, तेज और स्वस्थ जरूर बना देगी. उनकी मानें तो आने वाले वर्षों में लोग 100 से 120 साल की उम्र में भी खेलकूद करते, दौड़ते और एक्टिव लाइफ जीते हुए दिख सकते हैं- जैसे आज के युवा. यानी बढ़ती उम्र सिर्फ कैलेंडर की संख्या होगी, शरीर इसे महसूस ही नहीं करेगा.
भविष्य कैसा दिखेगा?
अगर वैज्ञानिकों की ये भविष्यवाणी सच हुई तो इंसानों की जीवनशैली पूरी तरह बदल जाएगी. लोग लंबे समय तक काम कर सकेंगे, ज्यादा फिट रहेंगे और बुढ़ापे की बीमारियों से भी बच सकेंगे. AI के जरिए DNA की निरंतर निगरानी और तेज रिपेयरिंग से शरीर उम्र बढ़ने के बावजूद युवा बना रहेगा. इसका मतलब यह भी है कि आगे चलकर लोग सिर्फ लंबा नहीं, बल्कि ज्यादा स्वस्थ, खुश और ऊर्जा से भरा जीवन जी सकेंगे.
