
अमेरिकी फूड कंपनी कैंपबेलने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के वाइस प्रेसिडेंट मार्टिन बैली को नौकरी से निकाल दिया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी के प्रोडक्ट्स की बुराई की और भारतीय कर्मचारी को आपत्तिजनक गाली भी दी. 20 नवंबर को मिशिगन के वेन काउंटी सर्किट कोर्ट में पूर्व कर्मचारी रॉबर्ट गार्जा ने एक केस फाइल किया था. उसके मुताबिक, बैली ने कैंपबेल के प्रोडक्ट्स को “गरीब लोगों” के लिए बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड खाना बताया था और भारतीय साथ काम करने वालों को “बेवकूफ” कहा था. कंपनी ने कहा कि ये कमेंट्स उसके मूल्यों या कल्चर को नहीं दिखाते हैं और ऐसी भाषा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, मिशिगन के वेन काउंटी सर्किट कोर्ट में पूर्व कर्मचारी रॉबर्ट गार्जा के फाइल किए गए केस में कहा कि बेली ने भारतीयों को गाली दी उन्हें बेवकूफ कहा. गार्जा ने कहा कि यह बात नवंबर 2024 की है. जब वह अपनी सैलरी के बारे में बातचीत करने के लिए गए थे. इस पर कंपनी ने कैंपबेल ने कहा कि कमेंट्स अश्लील, आपत्तिजनक और झूठे थे और हम उनसे हुई तकलीफ के लिए माफी मांगते हैं. कंपनी ने आगे कहा कि उसे इस केस के बारे में सबसे पहले 20 नवंबर को पता चला और उसने ऑडियो के कुछ हिस्से सुने. जांच के दौरान बैली को पहले टेम्पररी छुट्टी पर रखा गया था. बैली ने कमेंट के लिए रिक्वेस्ट का जवाब नहीं दिया.
इंडियन खुद सोच भी नहीं सकते!
गार्जा ने अपनी फाइलिंग में बताया है कि बैली ने कथित ऑडियो में कहा था कि हमारे पास गरीब लोगों के लिए बकवास प्रोडेक्ट है. हमारी बकवास कौन खरीदता है? मैं अब कैंपबेल के प्रोडक्ट मुश्किल से खरीदता हूं. अब जब मुझे पता है कि इसमें क्या बकवास है, तो यह हेल्दी नहीं है. बायोइंजीनियर्ड मीट मैं 3-D प्रिंटर से बना चिकन का टुकड़ा नहीं खाना चाहता. इंडियंस को कुछ नहीं पता. वे खुद सोच भी नहीं सकते. कैंपबेल ने जोर देकर कहा कि वह ऐसी बातों को सपोर्ट नहीं करता और उसका फैसला कॉर्पोरेट वैल्यू और वर्कप्लेस की इज्जत बनाए रखने के उसके कमिटमेंट को दिखाता है.
