एल्युमीनियम फॉयल में गरमागरम रोटी, सुरक्षित या जहरीली, कैंसर सर्जन ने किया खुलासा

एल्युमीनियम से कैंसर कनेक्शन
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कैंसर का खतरा खराब लाइफस्टाइल की वजह से काफी बढ़ जाता है। आपके घर में इस्तेमाल होने वाली ऐसी कई चीजें हैं जो कैंसर के रिस्क को बढ़ाती हैं। इसमें रोज खाना पकाने वाले बर्तन और रैपिंग एल्युमीनियम फॉइल पेपर को भी शामिल किया जाता है। एल्युमीनियम के बर्तनों को कैंसर कारक बताया जाता है। लेकिन क्या वाकई ऐसा है। कैंसर सर्जन ने इसे लेकर खुलासा किया है कि एल्युमीनियम धरती पर सबसे ज्यादा पाए जाने वाले मेटल में से एक है और ये दूसरी धातुओं के मुकाबले काफी हल्का होता है। लेकिन एल्युमीनियम की वजह से कैंसर होता है ऐसा नहीं है। खाना पकाने के बर्तनों और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला एल्युमिनियम न तो कोई भारी धातु है और न ही ऐसे कोई ज्ञात कैंसरकारी तत्व है और ज़्यादातर लोग जितना सोचते हैं, उससे कहीं कम मात्रा में हम इसका सेवन करते हैं। 

रायपुर के जाने-माने कैंसर स्पेशलिस्ट और कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा ने इसे लेकर एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। जिसमें वो एल्युमीनियम से कैंसर होने के खतरे के बारे में बता रहे हैं। क्या वाकई हमें एल्युमीनियम को लेकर डरना चाहिए। 

क्या एल्युमीनियम फाइल और बर्तनों से कैंसर होता है?

एल्युमीनियम हल्की धातुओं में शामिल है जो ज्यादातर चीज़ों के साथ रिएक्ट नहीं करता है और खाने के साथ भी आसानी से रिएक्शन नहीं करता। इसीलिए इसकी बहुत कम मात्रा ही खाने में पहुंचती है। अगर हमारे शरीर में एल्युमीनियम के कुछ कण जाते भी हैं तो उसे किडनी बाहर निकाल देती हैं। यह शरीर में जमा नहीं होता क्योंकि यह कोई भारी धातु नहीं है।

एल्युमीनियम शरीर के लिए कितना खतरनाक है?

डॉक्टर जयेश ने बताया कि, ‘एल्युमीनियम में टॉक्सिसिटी हो सकती है। लेकिन इससे कैंसर होने का कोई खतरा नहीं है। इसे कार्सिनोजेन की लिस्ट में नहीं रखा गया है। अगर एक औसत भारतीय 60-80 मिलीग्राम एल्युमीनियम का सेवन करता है, तो इससे कोई समस्या नहीं होती और सामान्य भोजन के जरिए इतनी मात्रा तक पहुंचना भी काफी मुश्किल है।’

इन 3 कामों में एल्युमीनियम का उपयोग न करें

  1. एल्युमीनियम के बर्तनों में बहुत तेज आंच पर खाना न पकाएं।
  2. एल्युमीनियम में बहुत खट्टा या अम्लीय भोजन न पकाएं।
  3. अम्लीय वस्तुओं जैसे अचार को एल्युमीनियम के बर्तनों में लम्बे समय तक न रखें।

डॉक्टर ने बताया कि क्या खा रहे हैं इसके बारे में ज्यादा चिंता करें बजाय किसमें खा रहे हैं। क्योंकि ये ऐसे है कि सिगरेट की बजाय आप उसके पैकिंग पेपर या बॉक्स के नुकसान को लेकर चिंतित हो रहे हैं। इसलिए एल्युमीनियम से नहीं, बल्कि फास्ट फूड से डरें।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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