
Sleeping Side Psychology: अगर आप भी रोज बिस्तर की एक ही साइड पर सोना पसंद करते हैं तो यह सिर्फ आदत नहीं है इसके पीछे दिमाग, शरीर और मनोविज्ञान तीनों है. रिसर्च से पता चलता है कि सोने की साइड हमारी नींद की क्वालिटी, सेहत और यहां तक कि पर्सनैलिटी से भी जुड़ी होती है. आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.
सोने का तरीका और सेहत
स्टडी से पता चलता है कि दुनिया में करीब आधे वयस्क लोग करवट लेकर सोना पसंद करते हैं, क्योंकि यह रीढ़ की हड्डी के लिए बेहतर माना जाता है और इससे नींद बार-बार टूटने की संभावना कम होती है. हालांकि किस करवट सोना ज्यादा फायदेमंद है यह भी हमारे लिए काफी मायने रखता है.
बता दें कि जो लोग दाईं तरफ करवट लेकर सोते हैं उन्हें आमतौर पर गहरी और सुकून भरी नींद आती है. इस तरह सोने पर शरीर के अहम अंगों और नसों पर दबाव कम पड़ता है. वहीं बाईं ओर करवट लेकर सोना पेट से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है. अगर आपको एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत है तो इस पोजिशन में सोना आपको राहत दिला सकता है. जानकारी के लिए बता दें कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी बाईं ओर सोना बेहतर माना जाता है. वहीं देखा जाए तो कुछ लोग पीठ के बल सोना पसंद करते हैं. हालांकि एक रिसर्च बताती है कि इस पोजिशन में खर्राटे आने और स्लीप एपनिया का खतरा बढ़ सकता है.
आपकी साइड से आपकी पर्सनैलिटी
आपकी सोने की साइड आपकी पर्सनैलिटी के बारे में भी बता सकती है. यूके में हुई एक स्टडी के मुताबिक बाईं ओर सोने वाले लोग आमतौर पर ज्यादा खुश और पॉजिटिव सोच वाले पाए गए. वहीं दाईं ओर सोने वाले लोग थोड़े गंभीर, अनुशासित और रूटीन पसंद करने वाले लोग माने गए.
अक्सर ये भी देखा गया है कि कपल्स रिश्ते की शुरुआत में ही अपनी-अपनी साइड तय कर लेते हैं. फिर सालों तक उसे नहीं बदलते हैं. यह आदत धीरे-धीरे इतनी गहरी हो जाती है कि दूसरी साइड पर सोने में बेचैनी होने लगती है.
रिसर्च यह भी इशारा करती है कि करवट लेकर सोना, हमारे दिमाग के लिए भी फायदेमंद हो सकता है. जानवरों पर हुई स्टडी में पाया गया कि इस तरह सोने से दिमाग से टॉक्सिन्स बाहर निकलने की प्रक्रिया बेहतर होती है. इससे भविष्य में अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है.
सोने की साइड तय होने के बाद बदलना मुश्किल?
जब दिमाग किसी एक साइड को नींद और आराम से जोड़ लेता है, फिर उसे बदलना आसान नहीं होता है. इसे मसल मेमोरी और मानसिक आदत कहा जाता है. यही कारण है कि होटल या नए घर में जाकर जब हमें अपनी फेवरेट साइड नहीं मिलती सोने में परेशानी होती है.
