प्रदूषण का हार्ट, फेफड़ों और किडनी पर हो रहा बुरा असर, इन घरेलू उपायों से सेहत का रखें ध्यान

प्रदूषण का हार्ट, फेफड़ों और किडनी पर बुरा असर
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हवा में जहर अब नजर आने लगा है सांस लेना भारी हो गया है। कुदरत थक रही है, इंसान टूट रहा है और इस जहरीली फिजा का खामियाज़ा हमारी सेहत उठा रही है और जब हालात ऐसे हों तो सबसे जरूरी है अपना ख्याल रखना। अच्छी खबर ये है कि बचाव के लिए कुछ आसान और कारगर चीजें हमारे घर में ही मौजूद हैं। कुछ घरेलू उपाय के जरिए फेफड़ों हार्ट की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है। ऐसे में आज बात करेंगे ऐसी ही पांच चीजों की जो प्रदूषण के असर को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकती हैं।

गुड़

गुड़ को आयुर्वेद में फेफड़ों का दोस्त माना गया है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स जहरीले कणों के असर को कम करते हैं। गुड़ वाला काढ़ा सर्दी और प्रदूषण दोनों में फायदेमंद माना जाता है।

तुलसी

तुलसी की चाय सांस की नलियों को राहत देती है। इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पॉल्यूशन से होने वाली जलन और इंफेक्शन को कम करती है। रोज एक कप तुलसी की चाय इम्युनिटी मजबूत करती है।

घी

घी सिर्फ ताकत नहीं देता ये शरीर में टॉक्सिंस के असर को कम करता है। थोड़ी-सी मात्रा में शुद्ध घी फेफड़ों और पाचन दोनों के लिए राहत है।

हल्दी

हल्दी वाला दूध शरीर में इंफ्लेमेशन घटाता है और ये आंवला विटामिन-सी का पावरहाउस है जो इम्युनिटी बढ़ाता है। बॉडी सेल्स को खराब हवा के असर से बचाता है।

क्यों जरूरी है ये चीजें

ये सब इसलिए जरुरी है क्योंकि सच्चाई ये है कि प्रदूषण सिर्फ सांस तक सीमित नहीं है। ये दिल, दिमाग, आंखों और स्किन तक पर असर डाल रहा है। PM 2.5 के बारीक कण खून के रास्ते पूरे जिस्म में फैल जाते हैं। हाल ये है कि नॉन स्मोकर्स भी 40 सिगरेट के बराबर धुआं निगल रहे हैं। जाहिर है कि इसका असर सीधे दिल पर पड़ता है। ब्लड प्रेशर-हार्ट डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हालात कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि दिल्ली NCR में रहने वाले लोगों की औसत उम्र करीब 2 साल घट चुकी है। एक तरफ देश के कई हिस्सों में उम्र बढ़ रही है तो दूसरी तरफ पॉल्यूशन वाले शहरों में जिंदगी घटती जा रही है। फिलहाल हालात तो बदलते नहीं दिखते। ऐसे में हिफाजत खुद ही करनी होगी।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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