हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों को सर्दियों में ठंडे पानी से नहाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों को सर्दियों में ठंडे पानी से नहाना चाहिए या नहीं
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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। ठंड के मौसम में लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा आफत लोगों को नहाने में आती है। सर्दियों में ज्यादातर लोग गर्म पानी से नहाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे लोग भी जो कड़ाके की ठंड में भी ठंडे पानी से नहाते हैं। ठंडे पानी से नहाने वाले लोगों की लिस्ट में हाई बीपी और डायबिटीज के मरीज भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में ये सवाल अक्सर लोगों के मन में रहता है कि क्या हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों के लिए इस मौसम में ठंडे पानी से नहाना चाहिए या नहीं। चलिए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर।

क्या कहते हैं डॉक्टर

डॉ. सुभाष गिरी, निदेशक प्रोफेसर (एचएजी), आरएमएल अस्पताल, दिल्ली का कहना है कि सर्दियों में हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों को ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए। डॉ. सुभाष गिरी का कहना है कि ऐसे मरीजों को कड़ाके की ठंड में सीधे ठंडे पानी के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

ब्लड प्रेशर का अचानक बढ़ना: जब ठंडा पानी शरीर पर पड़ता है, तो हमारी रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) अचानक सिकुड़ जाती हैं। इसे ‘वैसोकॉन्स्ट्रिक्शन’ कहते हैं। इससे ब्लड प्रेशर अचानक तेजी से बढ़ सकता है, जो दिल पर दबाव डालता है। बीपी के मरीजों में रक्त धमनियां पहले से ही संवेदनशील हो सकती हैं। ठंडे पानी का झटका ‘कोल्ड शॉक रिस्पॉन्स’ पैदा करता है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और दिल की बीमारी वाले मरीजों में हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

ब्लड शुगर पर प्रभाव: ठंड के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (जैसे एड्रेनालिन) रिलीज होते हैं, जो ब्लड शुगर के स्तर को अस्थिर कर सकते हैं। साथ ही, डायबिटीज के मरीजों में नसों की कमजोरी (Neuropathy) के कारण उन्हें तापमान का सही अंदाजा नहीं हो पाता, जिससे वे हाइपोथर्मिया का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को भी ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए।

सुरक्षित तरीके से नहाने के टिप्स

गुनगुने पानी का प्रयोग: पानी न बहुत ज्यादा गर्म हो और न ही ठंडा। पानी का तापमान शरीर के सामान्य तापमान 37 डिग्री के करीब होना चाहिए।

नहाने की शुरुआत पैरों से करें: सीधे सिर पर ठंडा या गर्म पानी न डालें। पहले पैरों पर पानी डालें, फिर हाथों और कंधों पर, ताकि शरीर धीरे-धीरे तापमान को अपना सके।

समय सीमित रखें: सर्दियों में ज्यादा देर तक पानी में न रहें। 5 से 10 मिनट का समय पर्याप्त है।

नहाने के तुरंत बाद शरीर ढकें: बाथरूम से निकलने से पहले शरीर को अच्छे से सुखाएं और तुरंत गर्म कपड़े पहन लें ताकि शरीर का तापमान अचानक न गिरे।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिमाचली खबर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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