एक और जहरीला कफ सिरप, जांच में फेल हुआ सैंपल, ऑल इंडिया अलर्ट..

एक और जहरीला कफ सिरप, जांच में फेल हुआ सैंपल, ऑल इंडिया अलर्ट..

जबलपुर. मध्‍य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से 25 मासूम बच्चों की मौत का जख्म अभी भरा भी नहीं था कि एक और डराने वाली खबर ने मध्य प्रदेश को झकझोर दिया है. बच्चों के लिए बनाए गए एक कफ सिरप में जानलेवा केमिकल डायएथिलिन ग्लायकॉल पाए जाने की पुष्टि हुई है. यह वही ज़हर है, जिसने पहले भी देश के कई राज्यों में बच्चों की जान ली है. इसके बाद से ऑल इंडिया अलर्ट जारी किया गया है. अब एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि आखिर दवा कंपनियों और नियामक सिस्टम की लापरवाही कब खत्म होगी?

तेलंगाना में हुई लैब जांच में बिहार की दवा कंपनी ट्रिड्स रेमेडीज़ का एलमोंट किड्स कफ सिरप फेल पाया गया है. इसके बाद तेलंगाना ड्रग कंट्रोल विभाग ने ऑल इंडिया अलर्ट जारी किया. अलर्ट मिलते ही मध्य प्रदेश सरकार ने भी तत्काल एक्शन लेते हुए इस कफ सिरप की खरीदी और बिक्री पर रोक लगा दी. भले ही अधिकारी कह रहे हों कि जबलपुर और महाकोशल में इसकी बिक्री नहीं हुई, लेकिन सिस्टम की साख पर फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.

तेलंगाना जांच में सामने आई खतरनाक सच्चाई
तेलंगाना के ड्रग कंट्रोल विभाग ने नियमित सैंपलिंग के दौरान एलमोंट किड्स कफ सिरप की जांच कराई. लैब रिपोर्ट में साफ हुआ कि सिरप में डायएथिलिन ग्लायकॉल की मौजूदगी है. यह केमिकल बच्चों के किडनी और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाता है. रिपोर्ट के बाद विभाग ने बिना देरी किए पूरे देश के लिए एडवाइजरी जारी कर दी.

मध्य प्रदेश में भी तत्काल बैन
तेलंगाना से मिले इनपुट के आधार पर मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल विभाग हरकत में आया. राज्य सरकार ने एलमोंट किड्स कफ सिरप पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया. जबलपुर के ड्रग इंस्पेक्टर देवेंद्र जैन ने बताया कि सभी दवा विक्रेताओं को लिखित निर्देश जारी किए गए हैं. किसी भी कीमत पर इस सिरप की बिक्री न हो, इसके लिए चेकिंग शुरू कर दी गई है.

अधिकारियों के दावे और ज़मीनी हकीकत
ड्रग विभाग और केमिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि जबलपुर और महाकोशल क्षेत्र में अब तक इस सिरप की बिक्री नहीं हुई है. हालांकि अधिकारी यह भी मान रहे हैं कि सिर्फ कागज़ी दावों से भरोसा नहीं किया जा सकता. इसलिए मेडिकल स्टोर्स के स्टॉक की फिजिकल जांच कराई जा रही है.

बुलेट प्वाइंट्स में पूरा मामला
एलमोंट किड्स कफ सिरप का सैंपल तेलंगाना में फेल.
सैंपल में पाया गया जहरीला डायएथिलिन ग्लायकॉल.
तेलंगाना ड्रग विभाग ने जारी की ऑल इंडिया एडवाइजरी.
मध्य प्रदेश सरकार ने तत्काल लगाया बैन.
जबलपुर और महाकोशल में स्टॉक की जांच जारी.समझें क्यों खतरनाक है यह मामला
डायएथिलिन ग्लायकॉल बच्चों के लिए बेहद जानलेवा केमिकल है.
पहले भी इसी ज़हर से छिंदवाड़ा में 25 बच्चों की मौत हो चुकी है.
कफ सिरप बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह भी दिया जाता है.
एक छोटी मात्रा भी किडनी फेलियर का कारण बन सकती है.

छिंदवाड़ा त्रासदी के बाद भी सबक क्यों नहीं
विशेषज्ञ मानते हैं कि छिंदवाड़ा जैसे मामलों के बाद सिस्टम को और सख्त होना चाहिए था. लेकिन बार-बार सामने आ रहे जहरीले सिरप यह दिखाते हैं कि दवा निर्माण से लेकर सप्लाई चेन तक निगरानी कमजोर है. सवाल यह भी है कि बच्चों की दवाओं में इस्तेमाल होने वाले रॉ मैटेरियल की जांच समय पर क्यों नहीं होती.

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