
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भले ही कुछ भी दावा करते हों, लेकिन भारत ने इसे लेकर अपना स्टैंड हमेशा से साफ रखा है। भारत का साफ कहना है कि पाकिस्तान ने फोन करके सीजफायर की गुजारिश की थी। इस बात दुनियाभर के थिंक टैंक और एक्सपर्ट की मुहर भी लगती रहती है।
अब एक स्विस थिंक टैंक ने भी भारत के दावे को सही बताया है। साथ ही ये भी कहा है कि भारत की ताकत और कार्रवाई से पाकिस्तान की स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उसे सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाने को मजबूर होना पड़ा था। स्विट्जरलैंड में सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री एंड पर्सपेक्टिव स्टडीज की इस रिपोर्ट ने ट्रंप के दावे पर भी सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
संघर्ष का विस्तार से एनालिसिस
स्विस थिंक टैंक ने 88 घंटे तक चले भारत-पाकिस्तान संघर्ष का विस्तार से एनालिसिस किया है। इसके मुताबिक, इंटरनेशनल हेडलाइंस ने भारत द्वारा सिस्टमैटिक तरीके से पाकिस्तान के एयर डिफेंस और स्ट्राइक कैपेसिटी को तोड़ दिए जाने की बात को छिपा दिया और पूरा फोकस पाकिस्तान के राफेल गिराने के दावों पर शिफ्ट कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने सेना को जवाब देने और प्लानिंग करने की पूरी छूट दी। पहलगाम में हुए हमले के बाद 7 मई की सुबह भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। पाकिस्तान से इसका जवाब देने के लिए चीन से मिली लंबी दूरी की PL-15 एयर-टू-एयर मिसाइलों और एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया।
घुटनों पर आया पाकिस्तान
पाकिस्तान ने भले ही शुरुआती जीत का दावा किया, लेकिन भारत की जवाबी कार्रवाई के आगे वह टिक नहीं पाया। SCALP-EG और ब्रह्मोस जैसी स्टैंडऑफ क्रूज मिसाइलों से पाकिस्तान सरफेस-टू-एयर मिसाइल नेटवर्क और रडार कवरेज ध्वस्त हो गए। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के मुख्य एयर बेस हमले करने शुरू किए।
IACCCS नेटवर्क और आर्मी के आकाशतीर सिस्टम के साथ आकाश, बराक-8 और S-400 जैसे लेयर्ड सरफेस-टू-एयर मिसाइल डिफेंस का भी शानदार इस्तेमाल किया। 10 मई तक खेल पूरी तरह पलट गया और पाकिस्तान मुकाबला करने की स्थिति में भी नहीं बच पाया था। स्विस थिंक टैंक का दावा है कि इसके बाद पाकिस्तान ने सीजफायर की मांग की।
