‘हां, मैंने गाली दी, क्योंकि…’ दरभंगा के गालीबाज दारोगा ने महिला डॉक्टर को कहे अपशब्द, वीडियो वायरल

‘हां, मैंने गाली दी, क्योंकि…’ दरभंगा के गालीबाज दारोगा ने महिला डॉक्टर को कहे अपशब्द, वीडियो वायरल

दरभंगा जिले के बेंता थाना क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने नो-एंट्री में घुसी महिला डॉक्टर से न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि खुलेआम मां-बहन की गाली-गलौज की और धमकी भी दी. वीडियो के वायरल होने के बाद महिला डॉक्टर का बयान भी सामने आया है. इस बीच, गाली देने वाले पुलिस अधिकारी ने कहा कि ड्राइवर ने कार को उनकी तरफ दौड़ाया था, जिसके बाद वो बाल बाल बचे.

हालांकि, इस दौरान कार में बैठी महिला डॉक्टर तेजस्विनी पांडे पुलिसकर्मी से कहती हैं कि अगर उनकी गाड़ी नो-एंट्री में है तो जो भी फाइन बनता हो, वह काट लिया जाए. वो बोलती रहीं, लेकिन थानाध्यक्ष ने महिला डॉक्टर की एक न सुनी और लगातार मां-बहन की गालियां देते रहे. कार में महिला डॉक्टर बैठी हुई थीं और यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई.

हुआ क्या था?

महिला डॉक्टर का ड्राइवर नो-एंट्री में गाड़ी लेकर चला गया था. इसके बाद थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने गंदे तरीके से बात शुरू की. महिला डॉक्टर बार-बार कहती रहीं कि गलती हो गई है, फाइन दे देंगे, लेकिन वर्दी में मौजूद पुलिस अधिकारी लगातार मां-बहन की गालियां देते रहे.

महिला डॉक्टर ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी विभाग की छवि धूमिल कर रहे हैं और डीजीपी से मांग की कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

प्रशासन ने की महिला से बात

घटना के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और डॉक्टर के साथ बैठकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया. हालांकि, मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा में व्यस्त होने के कारण एसएसपी ने खबर लिखे जाने तक थानाध्यक्ष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.

महिला डॉक्टर तेजस्विनी पांडे का कहना है कि मामूली ट्रैफिक उल्लंघन पर दारोगा ने कानून के दायरे में कार्रवाई करने के बजाय वर्दी का रौब दिखाया, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और डराने की कोशिश की. सड़क पर मौजूद लोग इस पूरे घटनाक्रम के गवाह बने.

वायरल हो रहा वीडियो

क्या बोले आरोपी थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार?

इधर, बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार का कहना है कि संबंधित वाहन को पहले वन-वे के दौरान रोकने का प्रयास किया गया था. वाहन रोकने के दौरान चालक ने जानबूझकर गाड़ी थानाध्यक्ष और उनके साथ मौजूद एक सिपाही की ओर दौड़ा दी. संयोगवश दोनों उसकी चपेट में आने से बच गए और उनकी जान बच गई.

थानाध्यक्ष ने बताया कि चालक तेज रफ्तार में वहां से फरार हो गया. बाद में जब वाहन को रोका गया और गेट खोलने के लिए कहा गया, तो चालक ने गाड़ी खोलने से इनकार कर दिया. इसी बात पर उन्हें गुस्सा आया और उनके मुंह से कुछ अपशब्द निकल गए.

उन्होंने गाली देने की बात को स्वीकार करते हुए आरोप लगाया कि चालक ने जान से मारने की नीयत से वाहन चलाते हुए भागने का प्रयास किया.

वहीं एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि वीडियो अभी उनके पास नहीं पहुंचा है. वीडियो देखने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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