Budget 2026: कितने शहरों को जोड़ेगा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, ये क्यों हैं खास? बजट में ऐलान से उठा सवाल

Budget 2026: कितने शहरों को जोड़ेगा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, ये क्यों हैं खास? बजट में ऐलान से उठा सवाल

देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को इसकी घोषणा की. वित्त मंत्री का कहना है कि इससे आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी. बजट में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से देश के कई शहरों को जोड़ा लाएगा. इसका मकसद देश के प्रमुख महानगरों को औद्योगिक और धार्मिक शहरों से जोड़ता है.

बजट में सरकार ने इसे अलग से विकसित करने की बात कही है. इसका सीधा सा मतलब है कि सड़क और पारंपरिक रेल नेटवर्क पर दबाव कम करने की कोशिश की है.

कितने शहरों को जोड़ेगा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर?

वित्त मंत्री ने बजट में जिन 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है उसमें देश के बड़े शहर और महानगरों को जोड़ा गया है. इसमें मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी शामिल हैं.वित्त मंत्री का कहना है कि इस कॉरिडोर के जरिए फाइनेंशियल सेंटर, आईटी सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को जोड़ा जाएगा.

Union Budget 2026 7 High Speed Rail Corridors Explained In Hindi

कॉरिडोर के शहर क्यों है खास?

सरकार ने हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए जिन 8 शहरों को जोड़ा है उनकी अपनी खासियत है. जानिए, क्या हैं वो खास.

1- मुंबई: देश की फाइनेंशियल कैपिटल

मुंबई को देश की फाइनेंशियल कैपिटल कहते हैं और यह महानगर भी है. RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक), SEBI, BSE और NSE यहीं हैं. शेयर बाजार, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस, सीधे मुंबई से जुड़े हैं. लगभग सभी बड़े भारतीय बैंक और प्राइवेट बैंक के हेडक्वार्टर/मुख्य ऑफिस मुंबई में हैं. वहीं, रिलायंस, टाटा, अडानी, L&T जैसी दिग्गज कंपनियों का बड़े ऑपरेशंस यहीं से चलते हैं. पोर्ट और ट्रेड गेटवे के मामले में भी मुंबई की भूमिका खास है. इसके साथ ही बॉलीवुड, टीवी, OTT और विज्ञापन इंडस्ट्री अरबों रुपये का कारोबार करती है और सरकार टैक्स रेवेन्यू के साथ आम लोगों को नौकरियां देता है. देश का सबसे महंगा और एक्टिव रियल एस्टेट मार्केट यहीं हैं. इसे सरकार ने हाई स्पीड रेल कॉरिडोर है.

2- पुणे: ऑटो, इंजीनियरिंग और MSME सेक्टर का हब

मुंबई के बाद पुणे को महाराष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक इंजन कहा जाता है. सरकार ने अपने बजट में मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस किया है. पुणे इसके लिए भी जाना जाता है. यहां टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, महिंद्रा, मर्सिडीज-बेंज, फोर्स मोटर्स जैसी कंपनियां काम कर रही हैं. ऑटो, इंजीनियरिंग और MSME सेक्टर से लाखों नौकरियां मिलती हैं. हिंजवड़ी IT पार्क, मगरपट्टा, खड़की-तलेगांव बेल्ट बड़े IT क्लस्टर हैं. यहां AI, फिनटेक और डीप-टेक स्टार्टअप्स तेजी से बढ़ रहे हैं. यहां ऑटो-कंपोनेंट्स, मशीन टूल्स, फार्मा, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के सेंटर भी हैं. शिक्षा के मामले में इसे पूर्व का ऑक्सफोर्ड कहा जाता है. यहां स्किल इकोनॉमी बढ़ाने वाले COEP, Symbiosis, Savitribai Phule Pune University जैसे संस्थान हैं.

High Speed Rail Corridor

3- हैदराबाद: ड्रग कैपिटल ऑफ इंडिया

यह IT और ग्लोबल टेक हब कहा जाता है. यहां माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन, मेटा, ऐपल, इंफोसिस, टीसीएस और एक्सेंचर जैसी कंपनियां हैं. हैदराबाद को ड्रग कैपिटल ऑफ इंडिया कहते हैं. यहां तैयार होने वाली दवाओं और वैक्सीन के एक्सपोर्ट से अरबों की कमाई होती है. यह शहर फार्मा पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का सेंटर भी है. स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम की बात करें तो यहां T-Hub, WE-Hub जैसे इनक्यूबेशन सेंटर हैं. हैदराबाद अकेले ही तेलंगाना के GSDP का बड़ा हिस्सा पैदा करता है.

4- बेंगलुरु: भारत का सिलिकॉन वैली

यह कर्नाटक की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. भारत का सिलिकॉन वैली कहलाने वाला बेंगलुरु में आई सेक्टर की बड़ी कंपनियां हैं. भारत के IT/Software एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा हिस्सा यहीं से आता है. देश के सबसे ज्यादा स्टार्टअप और यूनिकॉन बेंगलुरु से हैं. फिनटेक, SaaS, AI, डीप-टेक, एग्री-टेक, हेल्थ-टेक में आगे है. IISc, IIM-B, NAL, ISRO, DRDO लैब्स जैसे संस्थान यही हैं. केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया के सबसे तेजी से बढ़ते हवाई अड्डों में शामिल है.

5- चेन्नई: ऑटोमोबाइल कैपिटल ऑफ इंडिया

चेन्नई में ऑटोमोबाइल की दिग्गज कंपनियों के बड़े प्लांट हैं. इसमें हुंडई, रेनॉल्ट-निस्सान, बीएमडब्ल्, Daimler, टीवीएस और अशोक लीलेंड जैसी कंपनियां शामिल हैं. यह ऑटो एक्सपोर्ट, कोयला, LNG, कंटेनर कार्गो के लिए जाना जाता है. ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स, हैवी इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स का हब है. टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एक्सेंचर जैसी कंपनियां हैं. स्किल्ड वर्कफोर्स और एजुकेशन के मामलेे में IIT मद्रास, अन्ना यूनिवर्सिटी , NIT जैसे संस्थान हैं.मेट्रो, एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल पार्क, डेडिकेटेड लॉजिस्टिक्स के लिए भी जाना जाता है. इसके साथ ही चेन्नई तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.

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