
नई दिल्ली: ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं रोजमर्रा की जरूरतों को आसान बनाती हैं, लेकिन हाल में सामने आई एक घटना ने इनके इस्तेमाल की सीमाओं पर सवाल खड़े कर दिए. Rapido से जुड़ी यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से फैली और लोगों की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंट गईं. कोई इसे मजेदार जुगाड़ बता रहा है, तो कोई इसे गिग वर्कर्स के सम्मान से जोड़कर देख रहा है.
WATCH | Woman hires porter to dispose of garbage, leaves delivery partner shocked.
— The Tatva (@thetatvaindia)
अनोखी बुकिंग का खुलासा
एक Rapido डिलीवरी पार्टनर पिकअप लोकेशन पर पहुंचा. वहां एक महिला ने उसे सीलबंद कार्डबोर्ड बॉक्स सौंपा. भुगतान को लेकर पूछने पर महिला ने कहा कि ऑनलाइन पेमेंट हो चुका है. बॉक्स देखकर किसी को शक नहीं हुआ कि अंदर कुछ असामान्य हो सकता है.
ड्रॉप पॉइंट पर चौंकाने वाला दृश्य
ड्राइवर जब बताए गए ड्रॉप लोकेशन पर पहुंचा, तो वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था. सामने सिर्फ कूड़े का ढेर दिखा. हैरान ड्राइवर ने महिला को फोन किया. जवाब और भी चौंकाने वाला था. महिला ने कहा कि बॉक्स वहीं फेंक दें, क्योंकि उसमें सिर्फ कचरा है.
A woman booked a porter through Rapido. The porter arrived at the location and, inside the gate, a woman handed him a cardboard box filled with goods.
Before leaving, he asked politely,
“Madam, is the payment online or cash?”
She replied,
“Brother, it’s already paid online.”…— Hindu Pride 🕉️ (@Hindusena34r)
डिलीवरी पार्टनर की प्रतिक्रिया
फोन पर बात खत्म होते ही ड्राइवर खुद को रोक नहीं पाया और हंस पड़ा. उसने कहा कि अब लोग दूसरों का कचरा भी डिलीवरी से भिजवाने लगे हैं. यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पोस्ट में साझा की गई, जिसने देखते ही देखते लोगों का ध्यान खींच लिया.
यह सुविधा का दुरुपयोग है?
कुछ यूजर्स ने इसे देसी जुगाड़ बताते हुए मजेदार माना. वहीं कई लोगों ने कहा कि यह सुविधा का दुरुपयोग है. उनका मानना था कि कुछ रुपये बचाने के लिए किसी मेहनतकश को कचरा ढोने पर मजबूर करना गलत है.
सम्मान और जिम्मेदारी की बहस
कई प्रतिक्रियाओं में यह सवाल उठा कि तकनीक का मकसद काम आसान बनाना है, न कि जिम्मेदारी से बचना. गिग वर्कर्स के प्रति सम्मान, ईमानदारी और नागरिक कर्तव्य जैसे मुद्दे इस कहानी के केंद्र में आ गए. यही वजह है कि यह घटना सिर्फ हंसी तक सीमित नहीं रही.
