
यूपी में शुक्रवार की सुबह एक बार फिर धरती हिली है। राजधानी लखनऊ और आसपास भूकंप के झटके लगे हैं। भूकंप का केंद्र भी लखनऊ का पड़ोसी जिले का ही एक गांव था। इसकी तीव्रता 3.7 आंकी गई है। हालांकि तीव्रता कम होने से लोगों को झटके महसूस नहीं हुए। सुबह करीब सवा सात बजे जिले के इटियाथोक क्षेत्र के इटहिया नवीजोत गांव में जमीन के सतह से 10 किलोमीटर नीचे इसका केंद्र बताया जा रहा। इसकी सूचना पर जिला प्रशासन ने नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर भी भेजा। जिले में कहीं से भी किसी प्रकार की हानि की सूचना नहीं मिली है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी पुष्टि की कि भूकंप का केंद्र इटहिया नवी जोत गांव था।
कंपन जैसा महसूस हुआ 3.7 तीव्रता वाले भूकंप ने वैसे तो ज्यादा एहसास नहीं होने दिया लेकिन राजधानी लखनऊ में कंपन जैसा महसूस किया गया। भूकंप सुबह 7:32 पर उस समय आया जब अधिकांश लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। शहर की हाई राइज बिल्डिंग में रहने वाले लोगों बताया कि उन्होंने कुछ सेकंड के लिए फर्श और दीवारों में कंपन महसूस की। मौसम विभाग और भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 थी और इसका केंद्र लखनऊ से उत्तर दिशा में अयोध्या से 10 किलोमीटर की दूरी पर गोंडा में था।
प्रशासनिक सतर्कता और विशेषज्ञों की राय भूकंप की खबर मिलते ही गोंडा और आसपास के जिलों का प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है। स्थानीय लेखपालों और राजस्व अधिकारियों को गांवों में घूमकर किसी भी कच्चे मकान या पुरानी इमारत में दरार आने जैसी स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश का यह हिस्सा ‘भूकंपीय जोन’ के लिहाज से संवेदनशील है और अक्सर नेपाल की तराई में होने वाली हलचल का असर यहां देखने को मिलता है। हालांकि, 3.7 की तीव्रता को सामान्य श्रेणी में रखा जाता है, जिससे कोई ढांचा गिरने का खतरा न्यूनतम होता है, फिर भी लोगों को सलाह दी गई है कि वे पुरानी और जर्जर इमारतों के आसपास सावधानी बरतें। प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
